महाकाल मंदिर

महाकाल मंदिर

देशभर के बारह ज्योतिर्लिंगों में ‘महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग’ का अपना एक अलग महत्व है। महाकाल मंदिर दक्षिण मुखी होने से भी इस मंदिर का अधिक महत्व है महाकाल मंदिर विश्व का एक मात्र ऐसा शिव मंदिर है जहाँ दक्षिणमुखी शिवलिंग प्रतिष्ठापित है । यह स्वयंभू शिवलिंग है । जो बहुत जाग्रत है । इसी कारण केवल यहाँ तड़के ४ बजे भस्म आरती करने का विधान है । यह प्रचलित मान्यता थी कि श्मशान मे कि ताजी…

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गोपाल मंदिर

गोपाल मंदिर

द्वारकाधीश गोपाल मंदिर उज्जैन नगर का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है।गोपाल मंदिर, उज्जैन के प्रसिद्ध स्थानों में से एक है तथा यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर को द्वारकाधीश मंदिर भी कहा जाता है। गोपाल मंदिर का निर्माण दौलत राव सिंधिया की धर्मपत्नी वायजा बाई ने संवत 1901 में कराया था जिसमें मूर्ति की स्थापना संवत 1909 में की गई। इस मान से ईस्वी सन 1844 में निर्माण 1852 में मूर्ति की…

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इस्कॉन मंदिर

इस्कॉन मंदिर

सन 2006 में सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर काफी भव्य है। यहाँ मुरली मनोहर और उनकी प्रेमिका राधा की बेहद खूबसूरत प्रतिमा है। इसके अलावा कृष्ण-बलराम और कृष्ण-रुक्म‍िणी की मूर्तियाँ भी बरबस आपका ध्यान आकर्षित कर लेती हैं। इस मंदिर की रूपरेखा और इस्कॉन मंदिर के प्रवर्तक पूज्यपाद गुरुजी की मनोहारी मूर्ति भी यहाँ स्थापित की गई है। हर इस्कॉन मंदिर की तरह यहाँ तुलसी बगीचा है, जिससे तुलसी की माला बनाई जाती है।…

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चिंतामणि गणेश मंदिर

चिंतामणि गणेश मंदिर

चिंतामणिगणेश या चिंतामणि गणेश उज्जैन में एक प्राचीन भगवान गणेश के पवित्र मंदिर है. चिंतामणि गणेश उज्जैन के सबसे बड़ा गणेश मंदिर है. यह तनाव से राहत ‘का मतलब है. के रूप में यह गणेश का मंदिर है, लोगों को हर नए उद्यम शुरू करने के लिए गणेश का आशीर्वाद लेने. इस मंदिर शिप्रा नदी के उस पार फतेहाबाद रेलवे लाइन पर बनाया गया है. खुद के जन्म – इस मंदिर में गणेश मूर्ति  स्वयंभू माना…

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काल भैरव मंदिर

काल भैरव मंदिर

यह मंदिर श्री शीप्राजी के तट पर स्थित है। यह मंदिर भगवान कालभैरव का है जो कि अत्यंत प्राचीन एवं चमत्कारिक है।   यहाँ पर श्री कालभैरवजी की मूर्ति जो कि मदिरा पान करती है एवं सभी को आश्चर्यचकित कर देती है। मदिरा का पात्र पुजारी द्वारा भगवान के मुंह पर लगा दिया जाता है एवं मंत्रों का उच्चारण किया जाता है, देखते ही देखते मूर्ति सारी मदिरा पी जाती है। मूर्ति के सामने झूलें में…

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गढ़कालिका मंदिर

गढ़कालिका मंदिर

गढ़कालिका मंदिर,मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित है। कालजयी कवि कालिदास गढ़ कालिका देवी के उपासक थे। कालिदास के संबंध में मान्यता है कि जब से वे इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने लगे तभी से उनके प्रतिभाशाली व्यक्तित्व का निर्माण होने लगा। कालिदास रचित ‘श्यामला दंडक’ महाकाली स्तोत्र एक सुंदर रचना है। ऐसा कहा जाता है कि महाकवि के मुख से सबसे पहले यही स्तोत्र प्रकट हुआ था। यहाँ प्रत्येक वर्ष कालिदास समारोह के…

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बड़ागणेश मंदिर

बड़ागणेश मंदिर

भारत के हर कोने में भगवान गणेश जी के मंदिरों को देखा जा सकता है और उनके प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, बडे गणेश जी का मंदिर, जो उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के निकट हरसिध्दि मार्ग पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान गणेश जी को बडे गणेश जी के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में विराजित गणेश जी की भव्य और कलापूर्ण मूर्ति प्रतिष्ठित है। यह एक बहुत बडी़ मूर्ति…

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मंगलनाथ मंदिर

मंगलनाथ मंदिर

उज्जैन को पुराणों में मंगल की जननी कहा जाता है. ऐसे व्यक्ति जिनकी कुंडली में मंगल भारी रहता है, वे अपने अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए मंगलनाथ मंदिर में पूजा-पाठ करवाने आते हैं. मंगल दोष एक ऐसी स्थिति है, जो जिस किसी जातक की कुंडली में बन जाये तो उसे बड़ी ही अजीबोगरीब परिस्थिति का सामना करना पड़ता है, मंगल दोष कुंडली के किसी भी घर में स्थित अशुभ मंगल के द्वारा बनाए जाने वाले…

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चारधाम मंदिर

चारधाम मंदिर

नाम से ही मंदिर की विशिष्टता झलकती है, मंदिर को “चारधाम” इसलिए कहा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के दर्शन से भक्त चारोंधाम के दर्शन कर लेते हैं। जो व्यक्ति चारों धाम की कठिन यात्रा नहीं कर पाता है यदि वह आस्था के साथ चारधाम मंदिर में दर्शन करता है, तो उसे भी वही पुण्य मिलता है। यह मंदिर श्री हरसिद्धि देवी के मंदिर की दक्षिण दिशा में थोड़ी-सी दूरी…

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सिद्धवट मंदिर

सिद्धवट मंदिर

उज्जैन के भैरवगढ़ के पूर्व में शिप्रा के तट पर प्रचीन सिद्धवट का स्थान है। इसे शक्तिभेद तीर्थ के नाम से जाना जाता है। हिंदू पुराणों में इस स्थान की महिमा का वर्णन किया गया है। हिंदू मान्यता अनुसार चार वट वृक्षों का महत्व अधिक है। अक्षयवट, वंशीवट, बौधवट और सिद्धवट के बारे में कहा जाता है कि इनकी प्राचीनता के बारे में कोई नहीं जानता। सिद्धवट के पुजारी ने कहा कि स्कंद पुराण अनुसार…

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