प्रशासन सख्त… किसी ने किसानों को मंडी में आने से रोका तो जेल

किसान आंदोलन के तहत धरना, प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन सख्त है। कलेक्टर मनीषसिंह ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सभी शासकीय कर्मियों के अवकाश भी निरस्त कर दिए गए हैं। पटवारी तथा राजस्व अधिकारियों से कहा है कि अपने मुख्यालय पर ही रहें।

गुमराह करने वालों पर नजर

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को गुमराह करने वाले तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है। कृषि उपज मंडी पर प्रशासन का फोकस है। कलेक्टर सिंह ने साफ किया है कि मंडी में खरीदारी निरंतर जारी रहेगी। मंडी में उपज लेकर आने वाले किसानों को कोई परेशान नहीं करेगा। अगर कोई व्यक्ति किसानों को मंडी में आने से रोकेगा या परेशान करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।

दूध-सब्जी लाने वालों को मिलेगी सुरक्षा

कलेक्टर सिंह ने साफ किया है कि जो व्यक्ति या किसान दूध अथवा सब्जी आदि लेकर शहर में बेचना आना चाहते हैं, वे बिना किसी रोकटोक के आ सकते हैं। ऐसे लोगों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। अफवाह फैलाने वालों से भी सतर्क रहने को कहा है। सोशल मीडिया की झूठी सूचनाओं पर ध्यान न दिया जाए और उत्तेजित न हों।

तो, पुलिस कंट्रोल रूम करें सूचना

एसपी सचिन अतुलकर ने कहा है कि जिले में कहीं भी कोई घटना होती है या किसी को परेशान किया जाता है तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में सूचित किया जाए।

एक दिन पहले बढ़ी दूध की मांग (बॉक्स)

किसान आंदोलन की शुरुआत से एक दिन पहले गुरुवार को दुग्ध संघ में करीब 5 हजार लीटर दूध की मांग बढ़ी है। बुधवार तक 60 हजार लीटर दूध की डिमांड थी। गुरुवार सुबह यह बढ़कर 63 हजार लीटर पहुंची और शाम को 65 हजार लीटर तक पहुंच गई। सांची के अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि संघ द्वारा 2 लाख लीटर दूध का संग्रह कर लिया है। इसी तरह निजी दुग्ध संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी ने भी बताया कि दूध विक्रेताओं ने करीब 2 लाख लीटर दूध का संग्रह कर रखा है। बावजूद प्रशासन की मदद से गांव से दूध लाया जाएगा।

आंकड़े

-4 लाख लीटर दूध का स्टॉक

-4 टन दूध पाउडर स्टॉक करने का दावा

-13 टैंकरों से दूध संघ करेगा सप्लाय

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