- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
विक्रम विश्वविद्यालय:छात्राएं बोलीं – छात्रावास में बाहरी तत्व करते हैं प्रवेश, रोकने पर हो रहे विवाद
विक्रम विश्वविद्यालय के एक कन्या छात्रावास को लेकर सोमवार को फिर से हंगामा हुआ। विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने सोमवार शाम विवि पहुंच कर शिकायत करते हुए कहा कि छात्रावास में बाहरी तत्व प्रवेश करते हैं और रोकने पर विवाद करते हैं। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब कलेक्टर को पत्र लिखा जाएगा।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित रमाबाई अंबेडकर छात्रावास में ग्राउंड फ्लोर पर विवि का छात्रावास है, जबकि इसके फर्स्ट फ्लोर पर आदिम जाति कल्याण विभाग का छात्रावास संचालित होता है। शुक्रवार को विभाग के कुछ अधिकारियों के बिना सूचना के छात्रावास में पहुंचने पर भी छात्राओं ने हंगामा किया था।
सोमवार शाम विश्वविद्यालय के छात्रावास की छात्राएं विवि पहुंची। छात्राओं ने प्रभारी कुलपति प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा, कुलसचिव डॉ. प्रशांत पुराणिक और चीफ वार्डन डॉ. डीडी बेदिया से चर्चा कर शिकायत की कि पहली मंजिल पर लगने वाले छात्रावास के व्यवस्थापक के परिवार के सदस्य भी रहते हैं। कई पुरुष छात्रावास में प्रवेश करते हैं। उन्हें रोकते है तो वह विवाद करते हैं।
पहली मंजिल खाली करने का कहा
मौके से ही विवि अधिकारियों ने आदिम जाति कल्याण विभाग की अधिकारी रंजना सिंह को मोबाइल कॉल कर चर्चा की और छात्रावास में अनाधिकृत प्रवेश रोकने एवं छात्रावास की पहली मंजिल को खाली करने की बात कही। प्रभारी कुलपति प्रो. शर्मा ने बताया विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जल्द ही छात्रावास की पहली मंजिल को खाली करवाने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा छात्रावास के बाहर यह आदेश भी चस्पा किया जाएगा कि बगैर किसी सूचना के कोई भी बाहरी व्यक्ति छात्रावास में प्रवेश नहीं करें।