- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
होटलों में ठहरने वालों की जानकारी हुई
संचालकों को रोजाना रजिस्टर लेकर नहीं जाना होगा थाने, पुलिस ने दी सुविधा…
शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित होटल, लॉज, धर्मशाला संचालकों को पूर्व में उनके यहां ठहरने वालों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करने के बाद प्रतिदिन थाने पहुंचकर नोट कराना होती थी। इस व्यवस्था में परिवर्तन कर पुलिस ने होटल संचालकों की सुविधा के लिये ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है।
महाकाल, खाराकुआं, नीलगंगा, नानाखेड़ा, माधव नगर, चिमनगंज आदि थाना क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना आदि संचालित होते हैं जिनमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यात्री ठहरते हैं। पहले उक्त लोगों को अपने यहां ठहरने वाले यात्रियों की जानकारी रजिस्टर में संधारित करने के बाद प्रतिदिन थाने में नोटिंग कराना होती थी। जिन क्षेत्रों में होटल, लॉज, धर्मशालाओं की संख्या अधिक है वहां थाने के एक जवान को अलग से इसी कार्य में लगाया जाता था।
इस व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए पुलिस ने अब थाने के नाम से ईमेल अकाउंट तैयार किया गया है। अब होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना संचालक रजिस्टर में दर्ज यात्रियों की जानकारी का फोटो खींचकर ईमेल अकाउंट पर अपलोड किया जा सकता है। पुलिस द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ उक्त लोगों को यह होगा कि उन्हें प्रतिदिन थाने नहीं जाना होगा। साथ ही थाने में अलग से किसी जवान की ड्यूटी लगाने अथवा रिकार्ड संधारित करने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले बनती थी अलग फाइल
जिन थाना क्षेत्रों में होटल, लॉज, धर्मशाला, जमातखाना आदि संचालित होते हैं, वहां प्रतिदिन की जानकारी एकत्रित करने के लिये अलग से फाइल बनाई जाती थी और प्रतिदिन आने वाले कागजों को पुलिस को जमाकर रखना होता था, लेकिन अब ईमेल अकाउंट पर जानकारी आने के बाद पुलिस को अलग से कोई फाइल भी नहीं बनानी होगी। सारा रिकॉर्ड ईमेल अकाउंट पर अपलोड रहेगा।
अभी प्रायोगिक तौर पर
ई-मेल से जानकारी भेजने की सुविधा महाकाल थाना क्षेत्र में शुरू कर दी गई है। यह प्रायोगिक तौर पर सुविधा है। यदि किसी को परेशानी नहीं है तो इसे अन्य थानों पर शुरू किया जाएगा।