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कविताएँ
प. सुभाष शर्मा मंगल
(हास्य कवि )
उज्जैन
और तुम भारत वाले हथियार की दौड़ मे हो पुरे ढक्कन
फिर अमेरिका तन कर हमसे बोला हमने बनाई Ak47गन.
सारी दुनिया के दादा है अपन
उन दोनों की बाते सुनकर अपना हुआ बहुत दिमाग़ खराब.
और मैंने भी दे दिया उन्हें जवाब.
अरे हमें जरूरत नहीं है किसी गन की
यहां तो एक से बड़कर एक जन है.
यहां हर घर मे होती सुहागन है.
वे मुझसे पूछने लगे ये सुहागन क्या होती है.
तब मेने बताया की सुहागन ज़ब चालू होती है तो बड़े से बड़ा दादा, पहलवान आउट हो जाते है
और शेर भी सुहागन के आगे मिममीयाने लगते है |
नशा निषेध दिवस
आज 31मई नशा निषेध दिवस है यदि कोई नशा छोड़ना चाहता है तो उसे क्या करना चाहिए एक कविता के द्वारा उपाय
अपने सत गुरु के चरणों मे जीवन अर्पित कर देना.
गुरु मंत्र ले बुरी आदते सभी समर्पित कर देना.नशा जहर हे जीवन मे तन मन धन का ना श करे.
भरे दूसरों का घर अपनी पूंजी सदा विनाश करे.
मुश्किल से जीवन मिलता है इसे ना दर्पपीत कर देना.
गुरु मंत्र ले बुरी आदते सभी समर्पित कर देना.
अपने सत गुरु के चरणों मे जीवन अर्पित कर देना.
विश्व पर्यावरण दिवस
आज 5जून विश्व पर्यावरण दिवस है एक कविता “ढूढ ते रह जावोगे
घने वनो को काटकर बहुमंजिले इमारत.
ऐश आराम के चक्कर मे करते शरारत.
आकाश मे प्रदूषण फैलाते हुये कल कारखाने.
ओजोन परत मे छेद करके बनते है अनजाने.
गंदे नाले नदियों को प्रदूषित करते है.
और नेता शुद्विकरण के नाम पर जेब भरते है.
अश्लील फिल्मो से समाज हो ता है दूषित.
फैशन के दौर मे संस्कृति है भयभीत.
यदि इसी तरह धरती पर प्रदूषण फैलाओगे.
परमाणु के परीक्षण बार -बार करवाओगे.
जहरीला घुआ वातावरण मे फैलाओगे.
पर्यावरण का अंतिम संस्कार करवाओगे.
तो याद रखना साथियो धरती से आदमी की जिंदगी दुढ़ते रह जाओगे