- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
उज्जैन में मौत का चैंबर:पूर्व विधायक के वकील पोते की बुलेट सीवर लाइन के चैंबर से टकराई
सीवर लाइन के चैंबर से टकराकर पूर्व विधायक नारायण प्रसाद शर्मा के इकलौते पोते अक्षत शर्मा (24) की मौत हो गई। शनिवार रात ढाई बजे वह दोस्त के जन्मदिन की पार्टी मना कर बुलेट से घर लौट रहा था। अक्षत पेशे से वकील था। पिता पेट्रोल पंप व्यवसायी हैं। महाकाल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत बन रही सड़क पर ऐसे चैंबर शहरभर में बने हैं। इनसे आए दिन हादसे होते रहते हैं।
क्षीर सागर निवासी अक्षत दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने इंदौर रोड स्थित होटल में गया था। वहां से रात करीब दो बजे बुलेट से घर के लिए निकला। उसके साथ अन्य दोस्त अपनी गाड़ियों से थे। हरिफाटक ब्रिज पार करके वह इंदौर गेट पहुंचा, तभी सीवर पाइप लाइन के बने चैंबर से गाड़ी टकरा गई।
टकराने के बाद अक्षत ने संतुलन खो दिया। हवा में उछलते हुए वह डिवाइडर पर गिरा, जिससे सिर में गंभीर चोट आ गई। पीछे आ रहे दोस्तों ने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। जब तक एंबुलेंस आती, तब तक अक्षत अचेत हो गया था। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
शहर भर में कई जगह सड़क से ऊपर बने हैं चैंबर
स्मार्ट सिटी योजना के तहत टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सीवर लाइन बिछाने का ठेका मिला है। कंपनी की ओर से गली और मुख्य मार्गों पर पाइप लाइन बिछाने के बाद जगह-जगह चैंबर बनाए गए हैं। चैंबर का ढक्कन सड़क के सरफेस से ऊंचा होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसकी शिकायत लोगों ने कलेक्टर से लेकर निगमायुक्त तक से की है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे पहले भी कई लोग चैंबरों से टकराकर गिर चुके हैं।