- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
- जया किशोरी पहुंचीं महाकाल दरबार: नंदी हॉल में किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
- तड़के खुला महाकाल का दरबार: पंचामृत अभिषेक के बाद त्रिपुंड और मुकुट में सजे बाबा के दिव्य दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- CM मोहन यादव ने क्षिप्रा घाटों का किया निरीक्षण: बोले- श्रद्धालुओं की सुविधाओं में नहीं हो कोई कमी, 200 मीटर पर सुविधा केंद्र बनाने के दिए निर्देश
- मिस इंडिया एक्सक्विजिट ईशा अग्रवाल पहुंचीं महाकाल: भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन, देश की खुशहाली की कामना
गणेश चतुर्थी के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमा तैयार:3 से 15 फीट तक ऊंची प्रतिमाओं को बंगाल के कलाकारों ने 4 माह में बनाया
19 सितम्बर को भगवान गणेश की स्थापना का दिन गणेश चतुर्थी है। घर घर गणेश जी की स्थापना के लिए बंगाल से आए कलाकारों ने मिटटी के गणेश तैयार कर दिए है। बंगाल से कलाकारों ने 3 से 15 फ़ीट की मुर्तिया बनाकर तैयार की है । अब जल्द ही भगवान गणेश की मूर्तियों का बाजार सजने लगेगा।
शहर के बंगाली चौराहे स्थित प्रति वर्ष की तरह इस बार भी बंगाल के 8 मूर्ति कलाकार बीते चार महीने से मेहनत कर भगवान गणेश की मिटटी से बनी प्रतिमा बना रहे है। शहर के पंडालों में भी इस बार अधिकांश जगह मिट्टी से बनी बड़ी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं विराजेंगी। कलाकार प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं की जगह मिट्टी से गणेश प्रतिमाएं तैयार की है। यह प्रतिमाएं 3 से 15 फीट तक ऊंची है। शहर के साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों के पंडालों में स्थापित की जाएंगी। इसके लिए कई मंडलों ने दो-तीन माह पूर्व से ही प्रतिमाओं की साइज, डिजाइन आदि के ऑर्डर दे दिए थे ।

गणेश प्रतिमा बना रहे कलाकार ने बताया कि 5 हजार से 60 हजार रुपए की प्रतिमा बनकर तैयार है। 8 कारीगर ने इन्हे 4 माह में तैयार किया है। पहले इतनी बड़ी प्रतिमाएं पीओपी की ही बना करती थी। बंगाली कलाकारों ने शहर के पंडालों के लिए यह मिट्टी की बड़ी प्रतिमाएं तैयार की हैं। इस बार शहर में 100-150 जगह गणेश विराजित होंगे।