- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
चामुण्डा माता का मंदिर
श्री छत्रेश्वरी चामुण्डा माता का मंदिर शहर के मध्य चामुण्डा माता चौराहे पर स्थित है । यहाँ देवी छत्रेश्वरी तथा चामुण्डा दो रूप में विराजित है। इस मंदिर में माता पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित है । इस मंदिर का जीर्णोद्धार १९७१ में हुआ था । शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर दोपहर १२ बजे माता की शासकीय पूजा होती है । चैत्र नवरात्रि तथा अंग्रेजी नववर्ष की पहली तारीख पर मंदिर में माताजी को छप्पन भोग लगाया जाता है तथा फूलो व फलों से आकर्षक सज्जा की जाती है । छत्रेश्वरी चामुण्डा माता मंदिर में परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की मूर्तियां भी विराजित है । पृष्ठ भाग में हनुमानजी, महाभैरव तथा शिवजी का मंदिर भी है । भक्तो का कल्याण करने वाली माता चामुण्डा को मंगल करणी भी कहा गया है । इसलिए मंगलवार के दिन माताजी के दर्शन पूजन का विशेष महत्व है । मान्यता है कि लगातार १२ मंगलवार को माता के दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है ।