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छात्र का शव कब्र से निकालकर परिजनों को सौंपा, इंदौर में किया अंतिम संस्कार
उज्जैन :- नृसिंह घाट पर शिप्रा नदी में डूबने के बाद दफन किए इंदौर के छात्र का शव मंगलवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में वापस निकालकर परिजनों को सौंप दिया। इंदौर ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया। इंदौर से छात्र प्रज्वलन उर्फ चिंटू पिता हरि सोलंकी और प्रदीप पटेल उज्जैन घूमने आए थे। यहां उन्होंने शिप्रा नदी के नृसिंह घाट पर स्नान किया। इसी दौरान चिंटू नदी में डूब गया। उसे डूबता देख उसका साथी प्रदीप वहां से भाग गया। उसने इस घटना के बारे में किसी काे भी नहीं बताया। इधर चिंटू शाम तक घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने प्रदीप से पूछा तो वाे झूठी कहानी बताने लगा कि उसने तो उसे दोपहर में ही छोड़ दिया था। इसके बाद वह कहां गया, नहीं पता। परिजनों ने शाम को इंदौर के चंदननगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने सोमवार सुबह प्रदीप को बुलाकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी घटना बयां कर दी। इधर पुलिस ने शिनाख्त नहीं होने पर चिंटू का शव चक्रतीर्थ पर श्मशान में दफना दिया था। परिजनों ने आपत्ति ली और शव को वापस निकालने की अनुमति मांगी। एसडीएम की स्वीकृति के बाद मंगलवार दोपहर शव कब्र से निकालकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने इंदौर ले जाकर अंतिम संस्कार किया। मृतक चिंटू के मामा राजेंद्र बोले यह हादसा नहीं षड्यंत्रपूर्वक चिंटू की हत्या की गई है। उनका कहना है चिंटू डूबा तो उसके दोस्त प्रदीप ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया और किसी से मदद भी नहीं मांगी। पुलिस बता रही है घटना के बाद दो लोग नदी से भागे थे लेकिन चिंटू के साथ तो केवल प्रदीप ही था। दूसरा व्यक्ति कौन है, यह जांच का विषय है। एसआई नरेंद्र परिहार ने बताया मामले में पुलिस जांच कर रही है।