- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: शेषनाग के रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, उमड़ी आस्था!
- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
जम्मू में ड्रोन अटैक के बाद उज्जैन संभाग में अलर्ट
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में अब बिना अनुमति और जांच के कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा सकेगा। इसके लिए ADG ने आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, हाल ही में जम्मू में ड्रोन हमला हुआ था। इसी हमले को देखते हुए उज्जैन संभाग और महाकाल मंदिर में अलर्ट जारी किया गया है।
उज्जैन संभाग के IG और ADG योगेश देशमुख ने संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक को आदेश दिए हैं कि संभाग के सभी संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन को लेकर सुरक्षा उपाय करें। बगैर जांच और अनुमति के ड्रोन नहीं उड़ाया जाए। उज्जैन भी संवेदनशील क्षेत्रों में है। यहां बम स्क्वॉड की टीम रोजाना सुबह और शाम महाकाल मंदिर में सर्चिंग करती है। इससे पहले भी कई बार देशभर में अलर्ट हो या फिर आतंकियों की धमकी भरे खत, सभी में महाकाल मंदिर को लेकर अति सतर्कता पुलिस बरतती रही है।
उज्जैन रेंज के IG योगेश देशमुख ने आदेश दिया है कि महाकाल मंदिर पर ड्रोन उड़ाने के लिए न सिर्फ अनुमति लेना होगी बल्कि ड्रोन को सुरक्षा एजेंसी से पहले चेक भी कराना होगा। ADG योगेश देशमुख ने कहा कि सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि जब भी ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल हो तो उससे पहले उसकी चेकिंग और परमिशन अवश्य देखी जाए। तभी ड्रोन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
संवेदनशील है उज्जैन शहर
उज्जैन पहले से संवेदनशील रहने के साथ ही आतंकी संगठन सिमी का गढ़ माना जाता रहा है। शहरी क्षेत्र से प्रतिबंधित संगठनों के कई गुर्गों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। ऐसे में शहर में सुरक्षा के लिहाज से आदेश जारी किया गया है।
महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, काल भैरव मंदिर, मंगल नाथ मंदिर और संभाग के क्षेत्रों में मंदसौर का गांधी सागर डेम, पशुपति नाथ मंदिर, देवास में माताजी की टेकरी, आगर का बगलामुखी माता मंदिर सहित अन्य क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने से पहले जांच और अनुमति जरूरी होगी।