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पैसे लेकर भस्मारती की परमिशन दिलवाने वाले तीन लोगो पर थाने में प्रकरण दर्ज
एंकर महाकाल मंदिर समिति ने बाबा महाकाल की होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए चैनल का नकली लेटर हेड लगाकर श्रद्धालुओं से पैसे लेने वाले एक चैनल के संवाददाता सहित उसके दो सहयोगियों को जांच में दोषी पाने के बाद महाकाल थाने में तीनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जहां महाकाल मंदिर एक्ट सहित आईपीसी की धाराओं में पुलिस ने प्रकरण कायम किया है.
विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आते हैं जहां मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करते हुए निशुल्क भस्म आरती की परमिशन दी जाती है वही वीआईपी कोटे से भी कई परमिशन एजारी होती है. ऐसे में कई दलाल जो मंदिर के आसपास सकरी रहते हैं और आम श्रद्धालुओं से भस्मारती परमिशन के नाम पर रुपए वसूल कर उन्हें परमिशन जारी करवाते है.
ऐसे ही एक चैनल के संवाददाता और उसके दो सहयोगियों को महाकाल मंदिर समिति ने परमिशन बेचने के आरोप में दोषी पाया और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए मंदिर समिति ले मंदिर एक्ट और आईपीसी की धाराओं में महाकाल थाने में प्रकरण दर्ज कराया है खबर हंड्रेड चैनल के नाम से राहुल जोशी नामक युवक ने चैनल के लेटर हेड पर पिछले दिनों 8 लोगों की भस्म आरती परमिशन कराई थी जिनका सहयोग रजत बनवाया और गोपाल बैरागी ने किया था रजत बनवाया ने चैनल के लेटर हेड पर आवेदक बनकर परमिशन कराई तो वही गोपाल बैरागी ने दिल्ली से आए 8 दर्शनार्थियों से ₹700 प्रति व्यक्ति के हिसाब से भस्मारती परमिशन के रुपए वसूल किए थे जब मंदिर समिति के लोगों को लेटर हेड देखकर शंका हुई तो उन्होंने मामले को जांच में लिया और परमिशन की जैसे ही परमिशन रद्द हुई तो पूरा मामला सामने आ गया जहां दिल्ली से आए विवाद करते हुए कहा कि हमने ₹700 व्यक्ति के हिसाब से परमिशन के रुपए दिए थे जिसके बाद मंदिर समिति ने उसे लिखित में आवेदन लेकर जांच शुरू की थी आज राहुल जोशी गोपाल बैरागी और रजत को जांच में दोषी पाए जाने पर महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई है हालांकि मंदिर के आसपास ऐसे कई लोग सक्रिय हैं जो भोले भाले दर्शनार्थियों से लेकर निशुल्क होने वाली भस्मारती परमिशन बेचते हैं मंदिर समिति ने कहा कि ऐसे कई लोग अभी भी उनके जांच के दायरे में हैं जो चैनल और राजनीतिक रसूख के दमखम सहित धोखाधड़ी कर मंदिर समिति द्वारा परमिशन प्राप्त करते हैं और लोगों को भेजते हैं जिन पर आगामी समय में कार्रवाई की जाएगी