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बाढ़ से हम सुरक्षित:नदी में डूबे किशोर के शव को 5 मिनट में ढूंढा, स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग काम आई
होमगार्ड के 12 जवानों को मार्च में पुणे के इंस्टीट्यूट में दिलाई गहरी गोताखोरी की ट्रेनिंग बुधवार सुबह काम आई। त्रिवेणी घाट पर किशोर के डूबने की आशंका में जब सर्चिंग शुरू की तो उपकरणों से लैस गोताखोर पंकज मंडलोई ने पांच मिनट में किशोर को ढूंढ कर बाहर निकाल लिया। उसकी मौत हो चुकी थी। हुआ यह कि होमगार्ड के ही जवान भरत बैरागी का 14 वर्षीय पुत्र अभिषेक मंगलवार रात से गायब था। उसकी तलाश की जा रही थी। बुधवार सुबह उसकी साइकिल त्रिवेणी के घाट के पास दिखाई दी। इस पर आशंका हुई। कंट्रोल रूम से इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को सूचना दी गई। वहां से होमगार्ड को इसकी सूचना मिली।
इस पर डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष जाट ने एसडीईआरएफ टीम को भेजा। पहले बलिए की मदद से सर्चिंग की गई। इसके बाद टीम में शामिल डीप डाइवर्स पंकज मंडलोई को नदी में उतारा गया। पंकज ने पांच मिनट में ही अभिषेक को खोज लिया। उसे बाहर निकाला गया। उसकी मौत हो चुकी थी। इधर पुलिस ने बताया कि अिभषेक की मृत्यु की जांच की जा रही है।
डीप डाइविंग में उपकरणों का उपयोग
डीप डाइविंग में गोताखोर ऑक्सीजन सिलेंडर, सांस लेने के उपकरण, मास्क, सूट का उपयोग करते हैं। पानी में गहराई तक जाने पर भी डीप डाइवर को परेशानी नहीं होती। वह काफी समय तक पानी में रहकर खोजबीन कर सकते हैं। टीम में मंडलोई के अलावा जितेंद्र उपाध्याय, भेरूलाल सोलंकी, सुनील मेवाड़ा, राजेंद्र राठौर शामिल हैं। टीम का नेतृत्व प्लाटून कमांडर दिलीप बामनिया ने किया।
मवेशियों को तैरा कर बाहर निकाला
होमगार्ड टीम ने त्रिवेणी पर शिप्रा के टापुओं पर फंसी एक गाय और चार बछड़ों को भी बचाया। तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा ने होमगार्ड के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को मंगलवार को सूचना दी थी कि त्रिवेणी पर नदी का पानी बढ़ गया है। नदी के बीच टापू पर मवेशी फंसे हैं। होमगार्ड की प्लाटून कमांडर शीला चौधरी के नेतृत्व में बचाव दल को भेजा गया। एसडीआईआरएफ की टीम ने टापू पर पहुंचकर मवेशियों को निकालने की कोशिश की। लेकिन मवेशियों को नदी से निकालना मुश्किल हो रहा था। टीम ने इन मवेशियों को नदी में उतारा और उन्हें तैरा कर दूसरे किनारे पर सुरक्षित ले गए। इस टीम में पंकज मंडलोई, जितेंद्र भदौरिया, भेरूलाल सोलंकी, सुनील मेवाड़ा, राजेंद्र राठौर शामिल थे।