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मंडी व्यापारी कर रहे ऑनलाइन खरीदी
उज्जैन। चिमनगंज थोक कृषि मंडी कोरोना संक्रमण की वजह से पूरी तरह बंद है। यहां किसानों के प्रवेश तक पर प्रतिबंध लगा है। शासन द्वारा सरकारी खरीदी सोसायटियों के माध्यम से की जा रही है, लेकिन सोसायटी में अपनी उपज बेचने के लिये किसान परेशान हो रहे हैं एक तो उनका नंबर नहीं आ रहा दूसरा उपज बेचने के 10-12 दिन बाद खाते में भुगतान होता है। इसी का फायदा उठाते हुए मंडी के कुछ व्यापारी लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन गेहूं की खरीदी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी कम कीमत आंकलन कर माल लेते हैं, लेकिन रुपयों की जरूरत है इसलिये उन्हें माल बेच रहे हैं।
सुबह करीब 8 बजे से कृषि उपज मंडी चिमनगंज के बाहर आसपास के गांवों से करीब एक दर्जन ट्रेक्टरों में गेहूं भरकर किसान पहुंचे। जब उनसे चर्चा की गई तो किसानों ने बताया कि मंडी बंद है हमें पता है, मंडी व्यापारी से ऑनलाइन सौदा किया था और उन्होंने माल मंगवाया तो देने आये हैं। उण्डासा निवासी अर्जुन सिंह किसान जो ट्रेक्टर में गेहूं भरकर चिमनगंज मंडी लाया था उसका कहना था कि मजदूरों से फसल कटाई और थ्रेसिंग आदि करवाया उन लोगों की मजदूरी देना है।
गांव की सहकारी सोसायटी में रजिस्ट्रेशन है, लेकिन वहां धीमी गति से खरीदी कार्य चल रहा है। मेरा नंबर कब आयेगा कुछ पता नहीं, मजदूर रुपये मांग रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से मंडी पूरी तरह बंद है। फसल बेचकर लोगों को रुपये चुकाने हैं, घर में भी रुपयों की जरूरत पड़ती है इसलिये मंडी व्यापारी को सेम्पल दिखाकर ऑनलाइन सोदा किया। सोसायटी में गेहूं 1925 और इससे ऊपर बिकता है, लेकिन व्यापारी ने 1800 रुपये कीमत लगाई और मजबूरी में अब इसी कीमत पर माल बेचने मंडी तक आये हैं। किसानों ने बताया कि व्यापारियों से सौदा तय होने के बाद मंडी में 20-25 किसानों को माल उतारने की मंजूरी दी जाती है। मंडी समय 10.30 के बाद पर्ची कटवाकर ट्रेक्टर अंदर प्रवेश दिया जायेगा।