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महाकाल में 15 के बाद ऑनलाइन अनुमति से दर्शन, 1 दिन में 1 हजार को मिलेगा प्रवेश
उज्जैन. महाकालेश्वर मंदिर में 15 जून के बाद दर्शनार्थियों का प्रवेश शुरू हो सकता है। प्रशासन की योजना के अनुसार दर्शनार्थियों को पहले ऑनलाइन परमिशन लेना होगी। शहरी दर्शनार्थियों को भी यह परमिशन लेने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। एक दिन में एक हजार श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गणेश मंडपम की रैलिंग से होकर यात्री दर्शन करेंगे। मंदिर में किसी तरह की पूजन सामग्री, फल, दूध, जल आदि नहीं ले जाया जा सकेगा। मंदिर की सभी आरतियों और पूजन के समय श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं देंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन होंगे। श्रद्धालु कहीं रुके नहीं इसके लिए मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग की जाएगी।
महाकालेश्वर मंदिर में 22 मार्च से ही आम श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया था। इसके पहले भस्मआरती में श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगाई थी। 25 मार्च को देशभर में लॉकडाउन हो जाने से श्रद्धालुओं का आना बंद हो गया था। बुधवार दोपहर प्रशासक एसएस रावत ने मंदिर के पुजारियों व पुरोहितों के साथ की जाने वाली व्यवस्था पर मंथन किया। उनके सुझाव भी लिए। इसके आधार पर मंदिर में प्रवेश शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर आशीष सिंह इस योजना को अंतिम रूप देंगे तथा राज्य सरकार की गाइड लाइन के आधार पर आदेश जारी करेंगे।
सांसद अनिल फिरोजिया कहते हैं महाकालेश्वर मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। श्रद्धालुओं को दर्शन सुविधा मिलना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को तैयारी करने के लिए कहा है। गाइड लाइन तैयार कर जल्दी सुविधा दी जाएगी। विधायक पारस जैन के अनुसार प्रशासन स्तर पर चर्चा कर ली है। अधिकारी तैयारी में लगे हैं। सुरक्षा के सभी प्रबंध करने के बाद ही प्रवेश शुरू करेंगे। विधायक डॉ. मोहन यादव कहते हैं उज्जैन की आर्थिक गतिविधियों में महाकाल मंदिर प्रमुख केंद्र हैं। प्रशासन को कहा है कि अधिकतम इंतजामों के साथ जल्दी दर्शन शुरू किए जाना चाहिए। इससे शहर में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।