- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
मेडिकल बंद: अस्पतालों में मिल सकेगी दवा, 5 करोड़ का व्यापार प्रभावित
उज्जैन :- केंद्र की ओर से मेडिकल स्टोर्स पर दवाई विक्रय के नए कानून के विरोध में मंगलवार को मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। इमरजेंसी में केवल अस्पतालों में संचालित स्टोर्स पर दवाइयां मिल सकेंगी। हड़ताल से जिले में करीब 5 करोड़ का व्यापार प्रभावित होगा। आपातकाल के लिए हड़ताल से अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोर्स को बाहर रखा गया है। इमरजेंसी में यहां से दवाई ली जा सकती है।
ई-पोर्टल एंट्री का कानून
केंद्र सरकार मेडिकल स्टोर्स पर दवाई विक्रय के लिए ई-पोर्टल एंट्री का कानून लागू करने की योजना बना रही है, जिसके तहत मेडिकल स्टोर्स पर दवाई विक्रय के पूर्व दवाई पर्चे की ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य रहेगी। सभी प्रकार की दवाइयों की बिक्री से पूर्व पर्चा ई-मेल करना आवश्यक है। दवाई व्यापारियों के अनुसार उक्त कानून पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इससे छोटे-मोटे मेडिकल बंद होने की कगार पर आ जाएंगे।
हड़ताल क्यों?
जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्रिपाठी ने बताया कि इसके लिए पृथक से कंप्यूटर ऑपरेटर रखना पड़ेगा। ज्यादातर शासकीय साइट्स का सर्वर डाउन रहता है। ऐसे में दवाई बिक्री कैसे की जाएगी। इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है। जिन मेडिकल पर दिनभर भीड़ रहती है। ऐसे में उन्हें जल्दी दवाई देने में परेशानी होगी। इसके अलावा ग्राहकों को भी काफी देर इंतजार करना पड़ेगा। इसके साथ ही ग्राहक को 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इससे उसकी जेब पर भी अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसी के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है।