- महाकाल को 70 लाख के चांदी के आभूषण दान: गुजरात के श्रद्धालु ने 29 किलो रजत श्रृंगार अर्पित किया; दान में पगड़ी, मुकुट, मुण्डमाला समेत कई रजत सामग्री शामिल
- पति विक्की जैन के साथ महाकाल मंदिर पहुंची अंकिता लोखंडे, भस्म आरती में लिया हिस्सा; अंकिता बोलीं- पहली बार भस्म आरती देखी, शब्दों में नहीं बता सकती अनुभव
- अलसुबह भस्म आरती में राजा स्वरूप में सजे महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- उज्जैन में BJP का स्थापना दिवस: 560 बूथों पर कार्यक्रम, जुलूस-आतिशबाजी के साथ मनाया जश्न; नेताओं ने बताया- भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
- अलसुबह भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
सावधान! अब ग्राहकों ने अगर दुकानदार से पॉलीथिन मांगी तो लगेगा जुर्माना
उज्जैन। बाजार में खरीदारी करने के बाद यदि ग्राहक ने दुकानदार से मुफ्त में पॉलीथिन ली तो उन्हें जुर्माना देना पड़ सकता है। 50 माइक्रोन से पतली पॉलीथिन होने पर आपको 500 रुपए तक जुर्माना देना पड़ेगा। दुकानदार भी दुकान पर ५० माइक्रोन से पतली पॉलीथिन नहीं रख सकेंगे। दुकानदारों को दुकान के आगे बोर्ड लगाकर बताना होगा कि पॉलीथिन की मोटाई क्या है, निर्माण करने वाली यूनिट कौन सी है। पॉलीथिन की कीमत भी तय करना होगी। मुफ्त में ग्राहकों को यदि दुकानदार पॉलीथिन देंगे तो फंस जाएंगे। संबंधित निकाय सीमा में व्यापार करने से पहले पंजीयन करवाना होगा।
50 माइक्रोन से ज्यादा पर पंजीयन जरूरी : नए नियमों के तहत ५० माइक्रोन से ज्यादा मोटी पॉलीथिन के उपयोग पर भी सरकार ने अंकुश लगाया है। इसे बेचने के लिए अब दुकानदार को पंजीयन करवाना होगा।
अच्छी पहल…पॉलीथिन बंद होना चाहिए। सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल काफी अच्छी है ग्राहक इसका पालन नहीं करते। सामान खरीदने के बाद वे पॉलीथिन की मांग करते ही हैं।
पॉलीथिन से पर्यावरण प्रदूषित होता है लेकिन ग्राहक को इससे कोई सरोकार नहीं। वह सामान खरीदने के बाद उसे पॉलीथिन में रखकर देने को कहता है इसलिए पॉलीथिन में सामान देना पड़ता है।