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सुबह पांच बजे सिंहस्थ के अधूरे काम देखने अकेले निकले संभागायुक्त
संभागायुक्त डॉ. रवींद्र पस्तौर अकेले ही पांच बजे सिंहस्थ के अधूरे निर्माण देखने निकले। जब तक अधिकारी नींद से जागते वे अपना दौरा पूरा कर चुके थे। इसकी किसी को खबर नहीं हुई। डॉ. पस्तौर का कहना है कि अधूरे कामों को पूरा कराया जाएगा। इनके रखरखाव का बंदोबस्त करेंगे। अधिकारियों व ठेकेदारों की नकेल कसी जाएगी।
सिंहस्थ के दौरान शहर में कराए कई निर्माण और विकास कार्य अधूरे हैं या उनमें काम बचा है। नतीजतन इनका फायदा नागरिकों को नहीं मिल रहा है। सिंहस्थ समाप्त होने के बाद विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जो काम अधूरे हैं, उन्हें पूरा कराएं लेकिन स्थिति जस की तस है।
ये काम अभी भी अधूरे
पुष्कर सरोवर पर 36 लाख खर्च हो चुके हैं, अभी 20 प्रतिशत काम बाकी है। रुद्रसागर पर 6 करोड़ रु. खर्च किए लेकिन 20 प्रतिशत काम बकाया है। सिंहासन बत्तीसी पर 6.87 करोड़ रु. खर्च किए हैं, अभी ऑफिस, गेट का काम बकाया है। विक्रम कीर्ति मंदिर की 5 करोड़ की योजना है, जिसमें 10 प्रतिशत काम बाकी है।
निगमायुक्त से चर्चा करेंगे
संभागायुक्त के अनुसार निगम आयुक्त आशीष सिंह से वे सिंहस्थ कार्यों को लेकर चर्चा करेंगे। शहर में जो काम अधूरे रह गए हैं, उनके ठेकेदारों को बुलाकर काम पूरा कराया जाएगा ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके। विभागों काे ताकीद करेंगे कि सिंहस्थ के दौरान हुए नए विकास कार्यों की देखभाल की व्यवस्था भी करें।
पस्तौर बोले- अरे आपको किसने बताया
उन्होंने कहा- अरे आपको किसने बताया। फिर उन्होंने हंसते हुए कहा- सुबह की सैर पर निकला था, इस बहाने अधूरे काम देख लिए। उन्होंने कहा- पहले भी कुछ काम देख चुका हूं। अब अधिकारियों व ठेकेदारों को तलब करेंगे। करोड़ों रु. लगे हैं, उसका लाभ जनता को मिलना चाहिए।