- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
400 करोड़ में आएगा सोलर प्लांट:उज्जैन-नागदा रोड पर लगेगा
उज्जैन-नागदा रोड पर एनटीपीसी की जमीन पर 400 करोड़ रुपए की लागत से सोलर प्लांट लगेगा। एनटीपीसी यहां सोलर प्लांट के साथ सोलर उपकरण बनाने का संयंत्र भी स्थापित करेगा। इससे उज्जैन को एक्सपोर्ट यूनिट की सौगात मिल जाएगी। यह जमीन नागदा के नजदीक है। परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए पहले चरण में जमीन का सर्वे और मिट्टी परीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के तैयार होने से यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा।
सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि यह जमीन की बात सामने आने के बाद उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात की। फिरोजिया ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के विभाग को काफी समय तो इस प्रोजेक्ट की फाइल ही नहीं मिली। लेकिन फाइल मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने यहां प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशने के लिए अफसरों को निर्देशित किया। हालांकि यह अभी तय होना है कि यहां कौन सा प्रोजेक्ट शुरू किया जाए। इस संबंध में मुझे केंद्रीय मंत्री का पत्र भी मिला है।
सोलर उपकरण बनेंगे, सरप्लस बिजली राज्य सरकार को देंगे –
बताया जा रहा है कि यहां 400 करोड़ रुपए की लागत से सोलर पैनल और अन्य उपकरण तैयार करने व सोलर ऊर्जा केंद्र स्थापित किया जा सकता है। यहां से पैदा होने वाली सरप्लस बिजली राज्य सरकार को दी जाएगी साथ यहां बनने वाले उपकरणों को देश-विदेश में भेजा जा सकेगा।
29 साल से खाली पड़ी है जमीन –
उज्जैन-नागदा रोड पर 1992 में एनटीपीसी ने प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए जमीन अधिग्रहित की थी। लेकिन यह प्रोजेक्ट बाद में निरस्त हाे गया। तब से ये जमीन खाली पड़ी थी।