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उज्जैन:मधुर और सुंदर डेयरी पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम
उज्जैन:सुबह करीब 9 बजे खाद्य एवं ओषधि प्रशासन विभाग की दो अलग-अलग टीमों ने फ्रीगंज की सुंदर और मधुर डेयरियों पहुंची । यहां से अधिकारियों ने घी व अन्य खाद्य सामग्री के सेम्पल लिये हैं जिसकी जांच कराई जाएगी।
एक ही समय पर फ्रीगंज की दो बड़ी डेयरियों पर खाद्य विभाग की टीम पहुंची.तो क्षेत्र के होटल संचालक व डेयरी व्यवसायी अलर्ट हो गये। पहली टीम मधुर डेयरी पर पहुंची। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत शर्मा के साथ करीब 5 लोग मौजूद थे। उन्होंने डेयरी से देशी घी के सेम्पल पोलिथीन में पैक कर पंचनामा बनाया और सीलबंद किये। बसंत शर्मा ने चर्चा में बताया कि डेयरी में करीब 50 किलो घी स्टॉक में मौजूद है इसके अलावा यहां से मक्खन, पनीर, दूध, क्रीम आदि के सेम्पल भी लिये जा रहे हैं।
दूसरी टीम खाद्य सुरक्षा अधिकारी एमएल मारू और मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता के मौजूदगी में सुंदर डेयरी एण्ड स्वीट्स पर पहुंची। यहां से भी खाद्य विभाग की टीम ने घी के सेम्पल जांच के लिये एकत्रित किये। शैलेष गुप्ता ने बताया कि अधिकांश मिठाइयां ताजी मिली हैं इस कारण सेम्पल नहीं लिये गये।
जानलेवा होता है नकली घी
मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने चर्चा में बताया कि वनस्पति, एसेंस और सोयातेल को मिलाकर नकली देशी घी बनाया जाता है। इसके लगातार सेवन से वनस्पति के कारण सामान्य व्यक्ति के शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और इस कारण हृदयाघात से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। ठीक इसी प्रकार एसेंस के लगातार सेवन से व्यक्ति के गले में संक्रमण, त्वचा संबंधी बीमारियां होती हैं। जो लोग असली घी समझकर लंबे समय तक उक्त प्रकार के नकली घी का सेवन प्रतिदिन करते हैं उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है।
केलकर पर ठोस कार्रवाई की तैयारी
मंगलवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने श्री कृष्ण गृह उद्योग के नाम से केलकर मांगलिक परिसर में संचालित हो रही नकली घी बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर यहां से 450 किलो सूर्या कंपनी का वनस्पति, 50 किलो बना हुआ नकली घी, 57 किलो बैकरी शर्टिंग माइल्ड फेट, 45 किलो खुला मिलावटी घी और 4.50 लीटर एसेंस की नो बोतल जब्त की थी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने बताया कि नकली घी बनाने की फैक्ट्री संचालित करने वाले कीर्तिवर्धन केलकर को वर्ष 2015 में भी करीब 800 किलो नकली घी के साथ पकड़ा था। उस दौरान केलकर पर न्यायालय द्वारा 25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया और उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन उसने दोबारा नकली घी बनाने का कारोबार शुरू कर दिया और फिर पकड़ा गया है। दोनों मामलों को जोड़कर केलकर के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिये कलेक्टर को अवगत कराया जायेगा।
राजनीतिक दबाव
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कीर्तिवर्धन की नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकडऩे के दौरान राजनीति से जुड़े पदाधिकारियों के फोन आये, कुछ ने तो यहां तक कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई कार्रवाई करने की। हालांकि प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों की परमिशन के चलते ही बड़ी कार्रवाई कर पाये।