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नए नियमों से बढ़ेगी कॉलेज प्राचार्यों की मनमानी
उज्जैन।:नए नियमों के चलते शहर में संचालित होने वाले निजी व सरकारी समेत अनुदान प्राप्त कॉलेजों के प्राचार्यों की मनमानी बढ़ जाएगी। कारण यह है कि उच्च शिक्षा विभाग ने पहले आओं-पहले पाओं के आधार पर कॉलेजों में प्रवेश का नया नियम बना दिया है। लिहाजा प्राचार्यों पर ही यह निर्भर करेगा कि वह किसे प्रवेश दे और किसे नहीं। लिहाजा इस फैसले से कई विद्यार्थी कॉलेजों में प्रवेश लेने से वंचित भी रह सकते है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेजों में कल ३ सितंबर से १२ सितंबर तक नए रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा तथा इसके बाद पहले पाओ-पहले आओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। गौरतलब है कि अभी तक चार चरण में मेरिट के आधार पर ही प्रवेश हो रहा था लेकिन अब नये नियम लागू होने के बाद अधिकांश छात्र संगठनों ने यह आशंका व्यक्त की है कि 35 से 40 प्रतिशत वाले छात्रों को प्रवेश मिल जाएगा। 75 से ज्यादा प्रतिशत वाले छात्र प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। जो समय दिया गया है, उसमें भी इस बात का जिक्र नहीं है कि पहले आओ, पहले पाओ का फार्मूला क्या होगा। बता दें कि प्रवेश की प्रक्रिया 12 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी है। प्रदेश के साथ ही उज्जैन व जिले में भी सरकारी, अनुदान प्राप्त और प्राइवेट कॉलेजों में 5200 के करीब सीटें खाली होने की जानकारी मिली है।