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तुम मुझे यूं भुला न पाओगे…याद आए मो. रफी
उज्जैन। स्वर शृंगार म्यूजिक ग्रुप द्वारा महान पाश्र्व गायक मोहम्मद रफी साहब के जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर सदाबहार युगल गीतों की प्रस्तुतियां हुई। सर्द मौसम में गीतों की गर्माहट से श्रोता-दर्शक झूमते नजर आए।
गीतों भरी महफिल
सुहानी रात ढल चुकी… का आयोजन सोमवार को संकुल हॉल कालिदास अकादमी में किया गया। अध्यक्ष दिनेश त्रिवेदी तथा संयोजक महेश टटवाल ने बताया संस्था के वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकार डॉ. मोहम्मद शादाब, हर्ष मिश्रा, संजय गेहलोत, रघुनाथ सूर्यवंशी, गजेन्द्रप्रताप सिंह, शक्ति सिंह, रवि चौबे, विजय जोशी, धीरज शर्मा, रमेश दायमा, सोनाली सिंह, संध्या गरवाल, कल्पना टटवाल, नुपुर कौशल, वृशाली कुलकर्णी, खुशबू जैन, कुसुम नागवंशी, कुहू जोशी, श्रुति जोशी ने गीतों के माध्यम से स्वरांजलि प्रस्तुत की।
संगीत के माधुर्य में सजे स्वर
दीपेश जैन एवं जयेन्द्र रावल के संगीत संयोजन में बृजेश अंजान, असलमभाई, अनिल कुरेल, सोनू ललावत, हिमांशु मेहर वाद्य यंत्रों के अद्भुत समायोजन से गीतों को माधुर्यता प्रदान कर रहे थे। इस अवसर पर युवा संगीतज्ञ सावनकुमार को रफी स्मृति कला सम्मान-2019 से नवाजा गया। संचालन नवतेजसिंह एवं अशोक व्यास भोपाल ने किया।