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एक ही रथ पर सवार पांच स्वरूप, हर-सिद्धि मिलन के साथ महाआरती लेकिन भक्तों की एंट्री नहीं
महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ की महासवारी (प्रमुख) सोमवार को शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से नए रुट पर निकलेगी। इस मौके पर मंदिर और सवारी मार्ग को सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर स्थित साक्षी गोपाल मंदिर पर हरि-हर मिलन होगा। हरसिद्धि मंदिर पर शिप्रा आरती की तर्ज पर महाआरती की जाएगी। सवारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी आकर्षक का केंद्र होगी। कोरोना के चलते महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ की छह सवारियों की तरह की प्रमुख सवारी के दौरान भी सवारी मार्ग को सभी तरफ से बंद किया जाएगा। सवारी शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से रवाना होगी। सवारी का महाकाल मंदिर की वेबसाइट, मोबाइल एप और अन्य टीवी चैनलों पर लाइव प्रसारण होगा। सवारी में भगवान के सभी सातों स्वरूपों के दर्शन होंगे। इनमें से एक ही रथ पर पांच स्वरूप पहली बार निकाले जाएंगे।
महाकालेश्वर मंदिर से लेकर रामघाट तक दिखेंगे आकर्षक नजारे
प्रमुख सवारी के लिए मंदिर के गर्भगृह से लेकर रामघाट तक आकर्षक सजावट की जा रही है। मंदिर के गर्भगृह और नंदीगृह में फूलों की आकर्षक सजावट की गई। पूरे मार्ग पर रेड कारपेट, गमलों की सजावट, इलेक्ट्रॉनिक आतिबाजी, रंगोली आदि भी की जाएगी। हरसिद्धि पर महाकालेश्वर की शिप्रा आरती की तर्ज पर महाआरती होगी। रामानुज कोट ने भी विवाह मंडप जैसी सजावट की है।