- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
चोरी की नीयत से स्टेशन परिसर में घूम रहे थे
ट्रेनों में लगातार हो रही चोरियों के चलते जीआरपी दबाव में है। जीआरपी की अनदेखी के चलते ट्रेनों में चोरियों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जीआरपी ट्रेनों और शहर में संदिग्धों की तलाश कर धरपकड़ कर रही है। शुक्रवार रात जीआरपी ने चोरी की नीयत से रेलवे स्टेशन परिसर में घूम रहे दो लोगों को पकड़ा है। फिलहाल इनसे पूछताछ की जा रही है। ट्रेनों में यात्रियों के साथ चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
ट्रेनों में गश्त करने और स्टेशनों पर सर्चिंग अभियान चलाने के बावजूद भी जीआरपी इन घटनाओं पर लगाम नहीं लगा सकी है। शुक्रवार रात को जीआरपी ने सर्चिंग अभियान चलाते हुए दो आरोपी शकील खान पिता अज्जू खान निवासी मैली गली, एटलस चौराहा उज्जैन और नूर मोहम्मद पिता ताज मोहम्मद निवासी बेगमबाग कॉलोनी को पकड़ा है।
इनसे अभी पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। पकड़े गए दोनों आरोपी चोरी की नीयत के स्टेशन परिसर में घूम रहे थे। यह किसी वारदात को अंजाम दे उससे पहले ही जीआरपी ने उन्हें धरदबोचा। ज्ञात रहे दो दिन पहले भी जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले तीन लोगों को पकड़ा था।
पांच संदिग्ध और मौजूद
जीआरपी ने भले ही दो लोगों को पकड़ा है लेकिन थाने में पांच संदिग्ध और हैं जिनमें से दो को बंदीगृह में रखा है तो तीन को हथकड़ी लगाकर थाने में बैठा रखा है। इसके बाद में जीआरपी अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने को तैयार नहीं।
सूत्रों के मुताबिक जीआरपी पांचों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। यदि महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिलती तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा लेकिन प्रश्न यह उठता है कि यदि उन्हें छोड़ दिया गया तो फिर बंदीगृह में और हथकड़ी लगाकर क्यों रखा गया है। हालांकि जीआरपी अधिकारिक रूप से कुछ कहने को तैयार नहीं।