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महाकाल की सवारी आज से:कार्तिक व अगहन माह की पहली सवारी,
महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक एवं अगहन माह में निकलने वाली पहली सवारी आज कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को निकाली जाएगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में शाम 4 बजे विधिवत पूजन-अर्चन के बाद बाबा महाकाल पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर बड़ा गणेश मंदिर के सामने होते हुए हरसिद्धि मंदिर से नृसिंह घाट रोड स्थित सिद्ध आश्रम के सामने से शिप्रातट पर रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर मां शिप्रा के जल से अभिषेक के बाद सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि मंदिर के सामने होते हुए बड़ा गणेश मंदिर से होकर श्री महाकालेश्वर मंदिर वापस आएगी।
सवारी के पहले शाम 4 बजे सभा मंडप में भगवान के चंद्रमौलेश्वर रजत स्वरूप का मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा पूजन करेंगे। इसके बाद पुजारी, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पालकी को कंधे पर उठाकर पालकी यात्रा शुरू करेंगे।
हर साल की तरह कार्तिक-अगहन माह में बाबा महाकाल की 4 सवारियां निकाली जाएंगी। आज के बाद दूसरी सवारी 15 नवंबर, तीसरी 22 नवंबर और चौथी व शाही सवारी 29 नवंबर को निकाली जाएगी। 17 नवंबर को हरिहर मिलन (वैकुण्ठ चतुर्दशी) की सवारी निकाली जाएगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए सवारी का रूट छोटा किया गया है।