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CJI ने नंदी के दोनों सींग पर अंगूठा और छोटी अंगुली रखकर दर्शन किए
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमना शुक्रवार की सुबह महाकालेश्वर की भस्म आरती में शामिल हुए। वह सुबह 4 बजे परिवार के साथ मंदिर पहुंच गए थे। आरती के बाद उन्होंने रुद्राभिषेक किया। वह महाकाल मंदिर परिसर में सुबह 4 से 6.30 बजे तक ढाई घंटे रुके। देश के मुख्य न्यायाधीश के साथ उनकी पत्नी एन शिवमाला भी थीं।
मंदिर में पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक पं. आशीष पुजारी ने संपन्न कराया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने नंदी के दोनों सींग पर अंगूठा और सबसे छोटी अंगुली(कनिष्ठिका) रखकर महाकाल के पूर्ण दर्शन किए। पं. आशीष पुजारी ने बताया कि मान्यता है कि नंदी धर्म के प्रतीक हैं। नंदी के दोनों सींग पर हाथ रखकर इस तरह दर्शन करने से महाकाल के पूर्ण दर्शन माने जाते हैं।
यहां से वह महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आश्रम पर भी पहुंचे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने परिवार के साथ रामघाट पर शिप्रा नदी में दीपदान भी किया। फिर इंदौर के लिए रवाना हो गए।