- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
- जया किशोरी पहुंचीं महाकाल दरबार: नंदी हॉल में किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
- तड़के खुला महाकाल का दरबार: पंचामृत अभिषेक के बाद त्रिपुंड और मुकुट में सजे बाबा के दिव्य दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- CM मोहन यादव ने क्षिप्रा घाटों का किया निरीक्षण: बोले- श्रद्धालुओं की सुविधाओं में नहीं हो कोई कमी, 200 मीटर पर सुविधा केंद्र बनाने के दिए निर्देश
- मिस इंडिया एक्सक्विजिट ईशा अग्रवाल पहुंचीं महाकाल: भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन, देश की खुशहाली की कामना
निगम ने मंदिर के पास से हटाया मकान:महाकाल लोक के दूसरे चरण के विस्तारीकरण को लेकर कार्रवाई
महाकाल लोक के दूसरे चरण के विस्तारीकरण को लेकर गुरुवार को प्रशासन और निगम का अमला पुलिस बल के साथ बड़ा गणेश मंदिर के पास पहुंचा, जहां नगर निगम की रिमूवल गैंग ने मकान हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन द्वारा बुधवार को बड़ा गणेश मंदिर के सामने बनी दुकानों और मकानों को हटाने की मुनादी करवाई गई थी।
गुरुवार को एसडीएम कल्याणी पांडे के नेतृत्व में प्रशासनिक और निगम अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा और एक मकान को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान भवन अधिकारी हर्ष जैन, जाेनल अधिकारी डीएस परिहार, उपयंत्री राजेंद्र रावत, भवन निरीक्षक ज्योत्स्ना उवनारे एवं नगर निगम अतिक्रमण गैंग का अमला उपस्थित था।
10 में से 1 मकान तोड़ा, बाकी लोग स्टे ऑर्डर लाए
महाकाल लोक विस्तारीकरण में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के साथ निगम की स्पेशल-18 टीम भी मौजूद रही। अफसरों की गैर मौजूदगी में कार्रवाई पर उठे सवाल के बाद गुरुवार को कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त आदित्य नागर मौजूद रहे। अपर आयुक्त ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए गठित स्पेशल-18 टीम भी पहुंची।
यहां हमें 10 मकान तोड़ने थे। एक मकान तोड़ा गया, बाकी के लिए स्टे ऑर्डर ले आए। उसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है। कोर्ट के निर्णय के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। विशेष टीम की मौजूदगी में विवाद की स्थिति बनी, जिससे निपटा गया।
मुआवजा मिले तो सहयोग के लिए तैयार रहवासी, चौड़ीकरण में दिया था
यहां 40 साल से बसे रहवासियों ने समिति के सहयोग की बात की है लेकिन इनका यही कहना है कि अधिग्रहित जगह का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। यहीं के रहवासी रितेश माहेश्वरी ने बताया हम यहां 40 साल से रह रहे हैं। सिहंस्थ 2004 के पहले किए गए चौड़ीकरण के समय भी मकान के लिए गए हिस्से का मुआवजा दिया गया था। ऐसा ही अब करना चाहिए। हम सभी विकास के लिए तैयार हैं।