- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
महाशिवरात्रि पर भक्तों के लिए दो घंटे पहले खुले बाबा महाकाल के पट
महाशिवरात्रि पर मध्यरात्रि को खुले भगवान महाकाल के पट, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में वैसे तो महाशिवरात्रि पर्व की धूम पिछले नौ दिनों से मची हुई थी। लेकिन आज भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की मंगल बेला में बाबा महाकाल अपने भक्तों को आशीष देने के लिए दो घंटे पहले जागे। रात 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद भस्मआरती की शुरूआत हुई। इस साल पहली बार महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई थी, जिससे सुबह चार बजे से चलित भस्म आरती के दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया।
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित आशीष गुरु ने बताया कि मंदिर के पट खुलते ही सबसे पहले विभिन्न प्रकार के फलों के रस से बाबा महाकाल का स्नान करवाया गया। उसके पश्चात षोडशोपचार पूजन के पश्चात बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। 2:30 बजे से शुरू हुआ पूजन अर्चन का क्रम सुबह 4:30 बजे तक जारी रहा, जिसके बाद से आम श्रद्धालुओं के दर्शन की शुरुआत हुई। पुजारी पंडित आशीष ने बताया, महाशिवरात्रि पर सतत 44 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे और आज बाबा महाकाल की चार पहर की पूजा अर्चना की जाएगी।
आज दिनभर चलेगा पूजन का क्रम…
आज दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से शासकीय पूजा होगी
दोपहर तीन बजे से शनि प्रदोष की विशेष पूजा और रुद्र पाठ होगा