- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू से सजे बाबा, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
विक्रम विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक आज:बजट बैठक के बाद कई अहम मुद्दों पर होना है निर्णय
विक्रम विश्वविद्यालय के बजट को लेकर आयोजित कार्यपरिषद की बैठक 18 मार्च को हुई थी। इस दौरान बैठक में केवल एक मात्र मुद्दा बजट रखा गया था। शेष प्रकरणों पर चर्चा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 24 मार्च को एक बार फिर से कार्यपरिषद की बैठक आयोजित होने की सूचना जारी की है। हालांकि अचानक बैठक की सूचना जारी होने से सदस्य भी तय नही कर पा रहे है।
विक्रम विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक 24 मार्च को दोपहर 2 बजे से प्रशासनिक भवन स्थित कार्यपरिषद सभा कक्ष में कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे की अध्यक्षता में आयोजित हो रही है। बैठक के एजेंडे की जानकारी भी सदस्यों नही है। ऐसे में केवल सदस्यों को सूचना मिली है। कुलपति प्रो. पांडे ने कहा कि अभी उनके पास एजेंडा नही है। पिछली बैठक में केवल विश्वविद्यालय के बजट को लेकर चर्चा की गई थी। अन्य प्रकरणों पर चर्चा नही होने से एक बार फिर कार्यपरिषद की बैठक रखी गई है। जिसमें कर्मचारियों से जुड़े प्रकरणों के अलावा नियमित प्रकरणों को रखा गया है। हालांकि बैठक के दौरान ही अध्यक्ष की अनुमति से भी प्रकरण रखे जा सकते है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में कई जटिल उलझे हुए प्रकरण भी है, जिन पर निर्णय नही हो पा रहे है।
बैठक होने को लेकर संशय भी
विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की 24 मार्च को दोपहर में होने वाली बैठक को लेकर संशय भी है। कारण है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी कार्यपरिषद सदस्यों से राय मशविरा किए बिना ही बैठक की सूचना जारी कर देते है। व्यस्तता के कारण बैठक में सदस्यों की उपस्थिति नही हो पाती है। हालांकि 18 मार्च को बजट की महत्वपूर्ण बैठक होने से अस्वस्थ सदस्य भी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। सदस्यों का क हना है कि प्रशासन विभाग बिना चर्चा करे सीधे बैठक की सूचना दी जाती है। ऐसे में कई सदस्यों के व्यस्त होने के कारण वे बैठक में शामिल भी नही हो पाते है। सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह रैवया गलत है। सभी सदस्यों के साथ बैठक के पहले चर्चा करना चाहिए।