- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
स्वच्छता सर्वेक्षण:प्रतिबंधित पॉलीथिन का शहर में प्रवेश न हो, इसलिए 6 एंट्री पाइंट पर होगी नाकेबंदी
उज्जैन को नंबर वन बनाने में प्रतिबंधित पॉलीथिन बड़ा रोड़ा
दुकानों से छुटपुट प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त करने की कार्रवाई को पीछे छोड़ निगम का स्वास्थ्य अमला बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। प्लान तैयार हो गया है और जल्द ही इस पर अमल होने वाला है। निगम अब उन ट्रांसपोर्टरों पर कार्रवाई करने वाली है, जिनके मार्फत प्रतिबंधित पॉलीथिन शहर में सप्लाई करता है।
प्रारंभिक रूप से सभी ट्रांसपोर्टरों से बात कर प्रतिबंधित पॉलीथिन की ढुलाई नहीं करने की बात रखी जाएगी। अगर फिर भी ऐसा होता है तो जब्ती के साथ जुर्माना और एफआईआर तक की जाएगी। इसके लिए निगम ने फूल प्रूफ प्लान कर लिया है। शहर में प्रवेश करने वाले चार प्रमुख मार्गों इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, बड़नगर और नागदा रोड पर नाकेबंदी की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद ली जाएगी। इसमें सभी पाइंट पर जिला प्रशासन की टीम के साथ निगम के कर्मचारी भी समय-समय पर मौजूद रहेंगे और शहर में प्रवेश करने वाले ट्रकों और ट्रालों की जांच करेंगे। जांच में प्रतिबंधित पॉलीथिन मिलती है तो पॉलीथिन तो जब्त होगी ही। साथ ही वाहन को भी जब्त किया जा सकता है।
नालों के ओवरफ्लो के पीछे प्लास्टिक बड़ा कारण हाल ही में शिप्रा में मिलने वाले गंदे नाले की घटना के पीछे भी कारण प्लास्टिक ही सामने आया था। बेगमबाग तरफ से आने वाले बड़े नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई। जब सफाई की तो उसमें भारी मात्रा में प्लास्टिक निकला, जिससे पानी की निकासी ही नहीं हो सकी। फिलहाल नाले की सफाई कर दी है लेकिन प्लास्टिक इनमें पहुंचे ही नहीं। इसके लिए बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
कलेक्टर से बात कर रहे हैं ^सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। लेकिन इसका उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इसे शहर में प्रवेश ही न करने दिया जाए, इसके लिए प्लान बना रहे हैं। कलेक्टर से इस संबंध में बात चल रही है। जिला प्रशासन की मदद से शहर के एंट्री पाइंट पर नाकेबंदी की जाएगी, जिससे वाहनों की समय-समय पर चैकिंग हो सके। अगर कोई वाहन प्रतिबंधित प्लास्टिक लेकर आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।