- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
- शनिचरी अमावस्या पर उज्जैन के शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे में 1000 लीटर से ज्यादा तेल चढ़ा; घाटों से हटाए गए कपड़े और जूते-चप्पल
- “मैं पापा के साथ जाऊंगा…”: उज्जैन कोर्ट में मासूम की जिद के बाद पिता संग भैरवगढ़ जेल पहुंचा 4 साल का बच्चा
महाकाल दर्शन के लिए अब भक्तों को नहीं चलना पड़ेगा ज्यादा पैदल
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन के लिए अब अधिक पैदल नहीं चलना पड़ेगा। मंदिर समिति द्वारा परिसर स्थित टनल से कार्तिकेय मंडपम को जोड़ते हुए नए मार्ग का निर्माण कराया गया है। इस रास्ते भक्त कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासक के अनुसार दो से तीन दिन में नए मार्ग से प्रवेश की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।
श्री महाकाल महालोक का निर्माण होने के बाद देशभर से हजारों भक्त प्रतिदिन भगवान महाकाल के दर्शन करने मंदिर पहुंच रहे हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा प्रवेश व निर्गम के नए मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें भूमिगत सुरंग तथा सरफेस मार्ग शामिल है।
नए मार्गों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम से जोड़ा जा रहा है। मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया महाकाल मंदिर में अधिकतम भक्तों की संख्या को देखते हुए अलग-अलग प्लान तैयार किए गए हैं। उसी के अनुसार प्रवेश व निर्गम मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। सामान्य दिनों में भक्तों को महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर होते हुए टनल के अग्रभाग से परिसर स्थित इस नए द्वार से कार्तिकेय मंडपम में प्रवेश दिया जाएगा।
यहां से दर्शनार्थी दर्शन करते हुए गणेश मंडपम् में पहुंचेंगे तथा दर्शन के उपरांत नंदी हॉल के रैंप से परिसर में आएंगे। यहां मंदिरों में दर्शन पूजन के बाद निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे। नया रास्ता टनल को बीच में ब्रेक कर बनाया गया है। इससे भक्तों को अधिक पैदल नहीं चलना पडेगा। इसमें काष्ठ आयरन की रैलिंग, लाइट तथा पंखे लगाए जाएंगे।