- 50 फीट गहरे कुएं में गिरी गर्भवती गाय: 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला, ग्राम जैथल टैक की घटना; पुलिस-ग्रामीणों ने मिलकर बचाया
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- CM मोहन यादव के परिवार में शोक: मोसैरी बहन ग्यारसी बाई यादव का निधन, आज उज्जैन में अंतिम संस्कार
- महाकाल मंदिर में बड़ी बैठक: श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर सिंहस्थ-2028 तक रोडमैप तय, 299 करोड़ का बजट मंजूर
- भोर में खुले महाकाल के पट: जल और पंचामृत से अभिषेक, शेषनाग मुकुट में दर्शन
चंद्र के साथ सजे बाबा महाकाल, घंटाल बजाकर बाबा को अर्पित किया हरि ओम का जल फिर हुई कपूर आरती
सार
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्थी शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल बाबा को अर्पित किया गया। चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया।
कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज चतुर्थी की भस्मआरती में बाबा महाकाल को नवीन मुकुट पहनाकर सूर्य, चंद्र और रुद्राक्ष की माला पहनाकर भांग से शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और भोग भी लगाया गया।
भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।