- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
- महाकाल मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शेषनाग मुकुट और रजत मुण्ड माला में सजे बाबा महाकाल
- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
भस्म आरती में रुद्राक्ष, फूलों और मुंड माला से सजे भोले बाबा, मंदिर में गूंजा जयश्री महाकाल
सार
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैसाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर गुरुवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खोले गए। पंडे-पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत और फलों के रस से किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया।
कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट रुद्राक्ष व मुंड माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज अष्टमी तिथि पर गुरुवार की भस्मआरती में बाबा महाकाल का श्री गणेश स्वरूप में शृंगार किया गया। उनके मस्तक पर वैष्णव तिलक लगाकर फूलों, रुद्राक्ष और मुंड माला पहनाकर भगवान को सजाया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और भोग भी लगाया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के साथ जय श्री गणेश की गूंज भी गुंजायमान हो गया।