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मोबाइल नहीं, भाव भक्ति लेकर आइए महाकाल के द्वार: श्री महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल पूरी तरह बैन, मंदिर समिति ने तय किए तीन लॉकर पॉइंट!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्रद्धा और आस्था के केन्द्र श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में एक बड़ा और चौंकाने वाला निर्णय लिया गया है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है। मंदिर समिति ने गुरुवार शाम एक नया आदेश जारी कर साफ कर दिया कि अब मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का न तो उपयोग किया जा सकेगा, और न ही उसे लेकर प्रवेश किया जा सकेगा। यह निर्णय सिर्फ सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि मंदिर की गरिमा, धार्मिक अनुशासन और पवित्रता को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
अब तक लोग केवल गर्भगृह और नंदिहाल में मोबाइल के उपयोग पर रोक को जानते थे, लेकिन अब यह पूरी तरह से बदल गया है। अब मोबाइल अपने पास लेकर मंदिर में प्रवेश करना ही प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंदिर समिति का यह निर्णय एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो आधुनिक तकनीक और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश करता है।
मंदिर समिति का कहना है कि मोबाइल से फोटो खींचना, वीडियो बनाना, कॉल करना या सोशल मीडिया पर लाइव जाना — यह सब दर्शन की पवित्रता में विघ्न डालता है। इससे न केवल अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, बल्कि दर्शन की पंक्तियों में अनावश्यक विलंब और अव्यवस्था भी फैलती है।
श्रद्धालुओं के मोबाइल रखने की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के तीन मुख्य प्रवेश द्वारों — मानसरोवर भवन, बड़ा गणपति द्वार क्रमांक 04, और अवंतिका द्वार क्रमांक 01 — पर लॉकर की व्यवस्था की गई है। यहां श्रद्धालु मोबाइल जमा कर रसीद प्राप्त करेंगे, और दर्शन के पश्चात वह रसीद दिखाकर मोबाइल पुनः प्राप्त कर सकेंगे।
लेकिन बड़ा सवाल अब यह है — क्या यह व्यवस्था इतने भारी जनसमूह के लिए पर्याप्त है? महाकाल मंदिर में प्रतिदिन 50 से 70 हजार श्रद्धालु आते हैं। यदि इनमें से आधे भी मोबाइल लेकर आते हैं, तो 30 हजार से अधिक मोबाइल रखने के लिए लॉकर चाहिए होंगे, जबकि फिलहाल इतने लॉकर उपलब्ध नहीं हैं। यदि जल्दी ही अतिरिक्त लॉकर नहीं जोड़े गए, तो यह निर्णय श्रद्धालुओं के लिए एक नई चुनौती बन सकता है।