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कतर में मिसाइल हमले के बीच फंसी उज्जैन की मनीषा भटनागर की सकुशल वापसी, मुख्यमंत्री मोहन यादव की तत्परता से सुरक्षित लौटीं स्वदेश; भावुक होकर बोली – अब राहत महसूस हो रही है!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश के उज्जैन की रहने वाली और कतर एयरवेज में सीनियर केबिन क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत मनीषा भटनागर की सकुशल स्वदेश वापसी हो गई है। बुधवार को मनीषा कतर से भारत लौटीं और शाम को जब वे उज्जैन के अभिषेक नगर स्थित अपने घर पहुंचीं तो पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। उनकी सास ने तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनका भावुक स्वागत किया।
दरअसल, मनीषा कतर में तैनात थीं और वहीं अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के दौरान वह अपनी ड्यूटी पर थीं। दो दिन पहले रात को उनके साथ काम करने वाले सहयोगियों ने उन्हें बताया कि बिल्डिंग के ऊपर से मिसाइल गुजर रही है। कुछ ही देर में जोरदार धमाके की आवाज आई और पूरी बिल्डिंग दहल गई। मनीषा ने तुरंत भारत में अपने पति रजत भटनागर को कॉल कर यह जानकारी दी। फोन पर घबराई मनीषा की आवाज सुनकर पूरा परिवार दहशत में आ गया।
मनीषा के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि ईरान ने कतर में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया है, तो उन्हें लगा कि शायद अब वापस लौटना मुश्किल होगा। लेकिन अगले ही दिन सीजफायर की घोषणा हो गई, जिसके बाद हालात कुछ हद तक सामान्य हुए। दो दिन बाद फ्लाइट्स भी बहाल हो गईं और मनीषा ने भारत के लिए रवाना होकर बुधवार को सकुशल घर वापसी की।
बता दें, इस संकट की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद पूरे मामले को गंभीरता से लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क कर मनीषा की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास शुरू कर दिए। मनीषा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले पर ध्यान दिया और लगातार संपर्क में रहे। उनकी इस तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण ही वह आज अपने परिवार के बीच सुरक्षित लौट पाई हैं।
परिवार में छाई थी चिंता, मोबाइल बंद होने से टूटा संपर्क
मनीषा के पति रजत ने बताया कि जब रात को मनीषा ने पहली बार फोन किया और मिसाइल हमले की जानकारी दी तो पूरा परिवार सकते में आ गया। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा कॉल किया तो मनीषा का फोन बंद आ रहा था। इस स्थिति ने पूरे घर में चिंता और घबराहट बढ़ा दी थी। उन्होंने तत्काल बीजेपी युवा मोर्चा के सदस्य कार्तिक से संपर्क किया, जिन्होंने यह जानकारी सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई। इसके बाद उज्जैन जिला प्रशासन की ओर से भी परिवार से संपर्क कर हालात की जानकारी ली गई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।
देश लौटकर भावुक हुई मनीषा, कहा- अब राहत महसूस हो रही है
इंडिया लौटने के बाद मनीषा ने कहा – “उस रात बहुत डर लगा था। सोचा अब यहां से निकलना मुश्किल होगा, लेकिन भगवान और सरकार दोनों ने साथ दिया। अब भारत लौटकर बहुत सुरक्षित और सुकून महसूस हो रहा है।” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी टीम का आभार जताया जिन्होंने इस पूरे संकट में उनके परिवार को मानसिक संबल भी दिया और तेज़ी से कार्रवाई भी की।