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उज्जैन: सावन में महाकाल की नगरी में निकलेगी भव्य समर्पण कांवड़ यात्रा, शामिल होंगे 11 हजार कांवड़िए; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी बढ़ाएंगे कावड़ यात्रा की शोभा!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में श्रावण मास का प्रारंभ इस बार विशेष श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ होगा। 11 जुलाई को सावन माह के पहले दिन प्रतिवर्ष निकलने वाली समर्पण कावड़ यात्रा बड़े धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ निकलेगी। इस यात्रा में इस वर्ष करीब 11 हजार कावड़िए शामिल होंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी स्वयं शामिल होकर कावड़ यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे।
श्रावण मास में निकलने वाली इस कावड़ यात्रा का आयोजन महामंडलेश्वर श्री उत्तम स्वामी जी महाराज के सानिध्य में होगा। यात्रा संयोजक वरिष्ठ समाजसेवी नारायण यादव और समर्पण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष तपन भौमिक ने मेघदूत रिसॉर्ट में आयोजित बैठक में यात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में तय किया गया कि यह यात्रा उज्जैन के त्रिवेणी संगम से प्रारंभ होकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हुई नानाखेड़ा, सिंधी कॉलोनी चौराहा, नीलगंगा चौराहा, हरिफाटक ब्रिज होते हुए शंखद्वार से महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश करेगी।
यात्रा की विशेष बात यह है कि इसमें 5,000 से अधिक पौधे कावड़ यात्रियों को वितरित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धा और भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचे। आयोजकों ने बताया कि यह कावड़ यात्रा सिर्फ भगवान शिव को जल अर्पित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में हरियाली और स्वच्छता को बढ़ावा देने की पहल भी है।
राम भागवत ने बताया कि यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कावड़ यात्रियों के ठहरने, चिकित्सा, जलपान और सुरक्षा की समुचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु हिस्सा लेंगे, जिससे उज्जैन नगरी शिव भक्ति और हरि भक्ति में डूब जाएगी।