- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
महाकाल मंदिर में VIP नियमों की खुली उड़ान: भाजपा विधायक के बेटे ने जबरन किया गर्भगृह में प्रवेश, मंदिर कर्मचारी को दी धमकी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर, जहाँ आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है, वहाँ एक बार फिर VIP संस्कृति ने नियमों को रौंद डाला। मामला सामने आया है इंदौर-1 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला और उनके बेटे रुद्राक्ष शुक्ला का, जिन्होंने सोमवार तड़के करीब ढाई बजे जबरन मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया और भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना की।
मंदिर के कर्मचारियों द्वारा जब इस अनधिकृत प्रवेश को रोकने की कोशिश की गई, तो विधायक के बेटे रुद्राक्ष ने न केवल मंदिर कर्मचारी आशीष दुबे को धमकाया, बल्कि गर्भगृह में लगभग 5 मिनट तक मौजूद रहकर पूजा की। इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला स्वयं भी वहां मौजूद थे।
विधायक गोलू शुक्ला ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि उनके पास 5 लोगों के दर्शन की परमिशन थी, जिसे मंदिर प्रशासन और जिला कलेक्टर ने जारी किया था। उन्होंने इसे “हल्की-फुल्की कहासुनी” कहकर टालने की कोशिश की, लेकिन मंदिर नियमों के मुताबिक गर्भगृह में किसी भी आम व्यक्ति या VIP का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब शुक्ला परिवार पर मंदिर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। चार साल पहले भी रुद्राक्ष शुक्ला गर्भगृह में जाकर फोटो खिंचवा चुके हैं, जिसे उन्होंने फेसबुक पर साझा भी किया था। उस समय भी यह मामला खूब चर्चा में रहा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।
उज्जैन में सावन के महीने में आम श्रद्धालु 1.5 किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर केवल 200 फीट दूर से दर्शन कर पाते हैं, वहीं वीवीआईपी लोग नियमों को ताक पर रखकर सीधे गर्भगृह तक पहुंच जाते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि क्या धर्मस्थलों पर भी VIP संस्कृति का बोलबाला रहेगा?
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध भगवान महाकाल की प्रतिमा की पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया था, लेकिन ऐसे मामले न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं बल्कि मंदिर की गरिमा पर भी सवाल खड़े करते हैं।