- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
उज्जैन: बीमा पॉलिसी की आड़ में सब इंजीनियर से 14.20 लाख की ठगी, गुजरात से 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग में पदस्थ एक सब इंजीनियर को बीमा पॉलिसी की मेच्योरिटी राशि का लालच देकर ठग लिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में राज्य साइबर सेल ने लंबी तकनीकी जांच और छापामारी के बाद गुजरात के अंकलेश्वर निवासी 65 वर्षीय अतुल शाह को गिरफ्तार किया है।
कैसे हुई ठगी?
शिवांश सिटी, देवास रोड निवासी पीड़ित सब इंजीनियर ने जुलाई 2023 में साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का अधिकारी बताया। कॉलर ने भरोसा दिलाया कि उनकी बीमा पॉलिसी की राशि मेच्योरिटी से पहले रिलीज कराई जा सकती है।
इसके बदले विभिन्न शुल्क, टैक्स और पॉलिसी अपडेट फीस के नाम पर मई और जून 2023 में इंजीनियर से 14 लाख 20 हजार रुपए जमा करवा लिए गए। लेकिन तय समय पर रकम खाते में न आने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
साइबर सेल की जांच और छापामारी
शिकायत दर्ज होने के बाद राज्य साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विशेष टीम गठित की। टीम ने भरूच और अंकलेश्वर इलाके में लगातार तीन दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार अंकलेश्वर निवासी अतुल शाह को हिरासत में ले लिया।
टीम में निरीक्षक देवराज सिंह रावत, हरेन्द्रपाल सिंह राठौर और आरक्षक प्रदीप यादव शामिल थे।
पूछताछ में आरोपी अतुल शाह ने बताया कि उसने दिल्ली निवासी अपने परिचित तरुण सचदेव को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। खाते में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी तरुण की जानकारी के आधार पर अपडेट किए गए थे। ठगी की रकम सबसे पहले इसी खाते में आती थी और फिर आरोपी अपना हिस्सा निकालकर अलग बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
राज्य साइबर सेल के एसपी सव्यसाची सराफ ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब दिल्ली निवासी उसके सहयोगी तरुण सचदेव की तलाश की जा रही है। फिलहाल आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।