महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए विशेष सजावट कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस वर्ष मंदिर परिसर को विदेशों से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है। दरबार को आकर्षक रूप देने के लिए बेंगलुरु से 200 से अधिक कलाकार यहां पहुंचे हैं, जो 40 से ज्यादा प्रजातियों के पुष्पों का उपयोग कर रहे हैं।

फूलों की आपूर्ति हवाई मार्ग से

हर वर्ष की तरह इस बार भी बेंगलुरु के कलाकार निशुल्क विदेशी फूलों से मंदिर सजाने की परंपरा निभा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अधिकांश फूल लाखों रुपए की लागत से हवाई मार्ग द्वारा पहले बेंगलुरु और फिर इंदौर लाए गए। वहां से उन्हें उज्जैन पहुंचाया गया।

शनिवार शाम तक मंदिर परिसर, विशेष रूप से महाकाल का आंगन, विदेशी पुष्पों से पूरी तरह सुसज्जित दिखाई देगा।

नंदी हॉल में केंद्रित सज्जा

करीब 200 कलाकार नंदी हॉल में विशेष पुष्प संरचनाएं तैयार कर रहे हैं। गर्भगृह सहित मंदिर के प्रमुख हिस्सों में भी सजावट की जा रही है, ताकि पूरा परिसर एक थीम के अनुरूप दिखाई दे।

दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम

इस बार की सजावट दक्षिण भारत के प्रसिद्ध नटराज मंदिर की अवधारणा पर आधारित है। सजावट का नेतृत्व कर रहे कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया कि उनकी टीम महाशिवरात्रि के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

वे पिछले 12 वर्षों से इस पर्व पर मंदिर को प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से नेचुरल थीम में सजाते आ रहे हैं। इस बार जिन देशों से फूल मंगाए गए हैं, उनमें सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया शामिल हैं।

पिछले वर्ष महाशिवरात्रि की सजावट पर लगभग 30 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस वर्ष कुल व्यय का अंतिम आकलन आयोजन के बाद तय किया जाएगा। मंदिर परिसर में तैयारियां लगातार जारी हैं, ताकि पर्व के दिन श्रद्धालुओं को विशेष रूप से सजे दरबार में दर्शन का अवसर मिल सके।

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