- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
महाशिवरात्रि पर उज्जैन उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज 10 लाख का अनुमान
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
महाशिवरात्रि पर्व पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अब तक लगभग 2 लाख 20 हजार श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार होने के कारण दर्शनार्थियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। शहर के होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही पूरी तरह भर चुके हैं। प्रशासनिक आकलन के अनुसार, आज करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
तड़के 2:30 बजे खुले मंदिर के पट
महाशिवरात्रि के अवसर पर मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। प्रथम घंटाल बजाने के साथ प्रवेश की औपचारिकता पूरी की गई। मंत्रोच्चार के बीच गर्भगृह में स्थापित सभी प्रतिमाओं का पूजन हुआ और हरिओम का जल अर्पित किया गया।
कपूर आरती के पश्चात पंडे-पुजारियों ने जलाभिषेक संपन्न किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान का पूजन किया गया।
राजा स्वरूप में शृंगार और भस्म रमाई
पूजन के क्रम में महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजा स्वरूप में सजाया गया। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई।
शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। साथ ही मोगरा और गुलाब से निर्मित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं।
पासधारियों के साथ चलित भस्म आरती के दर्शन
तड़के आयोजित भस्म आरती में प्रवेश पासधारी श्रद्धालुओं को सम्मिलित किया गया। इसके अतिरिक्त चलित भस्म आरती के दर्शन की भी व्यवस्था की गई। महाकाल मंदिर समिति का दावा है कि पर्व के दौरान औसतन 40 मिनट में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं।
44 घंटे तक लगातार खुले रहेंगे पट
परंपरा के अनुसार महाकाल को दिनभर जल अर्पित किया जाएगा। चार पहर की पूजा के कारण मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद लगभग 10:45 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे। इस प्रकार लगभग 44 घंटे तक लगातार श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।