- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
- 21 दिन बाद पहुंचा कनाडा में मारे गए छात्र गुरकीरत का पार्थिव शरीर: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, सरकार ने उठाया 40-50 लाख का खर्च
- महाकाल पर आज से शीतल जलधारा शुरू, 29 जून तक निरंतर चलेगी शीतल धारा
हनुमान जन्मोत्सव आज, उज्जैन में हो रहे विशेष पूजन-अनुष्ठान: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज की साधना अत्यंत फलदायी; 108 हनुमान मंदिरों में दर्शन से वर्षभर मिलती है कृपा
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में 2 अप्रैल, गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और विशेष ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया जा रहा है। इस वर्ष का यह पर्व इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि पूर्णिमा तिथि, हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का दुर्लभ संगम बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग साधना और उपासना के लिए अत्यंत फलदायी होता है, जिसमें किए गए धार्मिक अनुष्ठान कई गुना अधिक प्रभावी माने जाते हैं।
पंडित अमर डिब्बेवाला बताते हैं कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर ही हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। इस बार गुरुवार का दिन होने से इसका महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और श्रीराम उनके ही अवतार हैं। ऐसे में हनुमान जी की उपासना, जो श्रीराम के परम भक्त हैं, विशेष फलदायी मानी जाती है। कन्या राशि में स्थित चंद्रमा इस पूरे योग को और अधिक शुभ बना रहा है।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो शनि की साढ़ेसाती, ढैया, राहु या मंगल के अशुभ प्रभावों से गुजर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजन, व्रत और स्तोत्र पाठ करने से ग्रह पीड़ा शांत होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धालु इस अवसर पर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए अभिषेक, हनुमान अष्टक, बजरंग बाण, सुंदरकांड और पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ कर रहे हैं।
उज्जैन की धार्मिक परंपरा में हनुमान जी के मंदिरों का विशेष स्थान है। यहां 108 हनुमान मंदिरों की परिक्रमा का भी उल्लेख मिलता है, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अधिक से अधिक हनुमान मंदिरों के दर्शन करने से वर्ष भर हनुमान जी की कृपा बनी रहती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों—बाल हनुमान, गेबी हनुमान, खड़े हनुमान, खेड़ापति हनुमान, चिंताहरण हनुमान, गुमानदेव हनुमान और श्री राम चैतन्य बाल हनुमान मंदिर—में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। कहीं भजन-कीर्तन हो रहे हैं तो कहीं सुंदरकांड पाठ और महाप्रसादी का वितरण। मौनतीर्थ पीठ में चल रहे अखंड महामृत्युंजय महायज्ञ के 10 वर्ष पूर्ण होने पर हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर सुंदरकांड के प्रत्येक दोहे और चौपाई पर 586 आहुतियां दी जा रही हैं, जो इस आयोजन को और भी विशेष बना रही हैं।
वहीं श्री राम चैतन्य बाल हनुमान मंदिर में 56 भोग अर्पित कर भव्य पूजन किया जा रहा है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और पूरा शहर “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयघोष से गूंज रहा है।