- महाकाल को 70 लाख के चांदी के आभूषण दान: गुजरात के श्रद्धालु ने 29 किलो रजत श्रृंगार अर्पित किया; दान में पगड़ी, मुकुट, मुण्डमाला समेत कई रजत सामग्री शामिल
- पति विक्की जैन के साथ महाकाल मंदिर पहुंची अंकिता लोखंडे, भस्म आरती में लिया हिस्सा; अंकिता बोलीं- पहली बार भस्म आरती देखी, शब्दों में नहीं बता सकती अनुभव
- अलसुबह भस्म आरती में राजा स्वरूप में सजे महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- उज्जैन में BJP का स्थापना दिवस: 560 बूथों पर कार्यक्रम, जुलूस-आतिशबाजी के साथ मनाया जश्न; नेताओं ने बताया- भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
- अलसुबह भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
पति विक्की जैन के साथ महाकाल मंदिर पहुंची अंकिता लोखंडे, भस्म आरती में लिया हिस्सा; अंकिता बोलीं- पहली बार भस्म आरती देखी, शब्दों में नहीं बता सकती अनुभव
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भक्ति और आस्था का एक खास दृश्य देखने को मिला, जब टीवी और फिल्म जगत की चर्चित अभिनेत्री अंकिता लोखंडे अपने पति विक्की जैन के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे दोनों मंदिर पहुंचे और पारंपरिक नियमों का पालन करते हुए भस्म आरती में शामिल हुए। नंदी हाल में बैठकर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ आरती का दर्शन किया, जहां पूरे समय दोनों भक्ति में लीन नजर आए।
आरती के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण था, जिसे अंकिता और विक्की ने बहुत करीब से महसूस किया। दर्शन के बाद दोनों ने नंदी जी का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की। इसके पश्चात मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
दर्शन के बाद अंकिता लोखंडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खास और भावुक क्षण था। उन्होंने बताया कि इंदौर से होने के कारण वे पहले भी कई बार महाकाल मंदिर आ चुकी हैं, लेकिन भस्म आरती में शामिल होने का यह उनका पहला अवसर था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या टीवी पर भस्म आरती देखने और उसे सामने बैठकर अनुभव करने में जमीन-आसमान का अंतर है। इस दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे भगवान महाकाल स्वयं उनके सामने विराजमान हों।
अंकिता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद यहां दर्शन की व्यवस्था सुव्यवस्थित और संतुलित है, जिससे हर किसी को सहज रूप से दर्शन का अवसर मिल पाता है।