सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर फोकस, अधिकारियों ने किया स्टेशनों का निरीक्षण

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अब रेलवे मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन की तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने विशेष सैलून के माध्यम से शहर के आसपास प्रस्तावित होल्डिंग एरिया और फ्लैग स्टेशनों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विशेष सैलून से पहुंचे अधिकारी, सुबह 10 बजे शुरू हुआ निरीक्षण

गुरुवार सुबह करीब 10 बजे रतलाम से उज्जैन पहुंचे इस निरीक्षण दल में एडीआरएम अक्षय कुमार के साथ एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर आशीष सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल थे। टीम ने पंवासा, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, विक्रमनगर और चिंतामन रेलवे स्टेशनों का दौरा किया।

भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर रोकी जाएंगी ट्रेनें

निरीक्षण के दौरान एडीआरएम अक्षय कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्व और शाही स्नान जैसे अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में ट्रेनों को सीधे उज्जैन रेलवे स्टेशन तक नहीं लाया जाएगा। इसके बजाय, सभी ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका जाएगा, जिससे यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें।

प्रवेश-निकास और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान

अधिकारियों ने प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों के प्रवेश और निकास मार्गों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही यह भी देखा गया कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक कैसे पहुंचाया जा सके। भीड़ प्रबंधन के लिए संभावित व्यवस्थाओं और रूट प्लानिंग पर भी चर्चा की गई।

स्टेशनों से घाट तक बस सेवा की तैयारी

मेला अधिकारी आशीष सिंह ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि सभी प्रमुख स्टेशनों से शिप्रा नदी के घाटों तक बस सेवा शुरू की जाए। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे घाट तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी और शहर के भीतर अनावश्यक भीड़ भी कम होगी।

नईखेड़ी स्टेशन पर बनेंगे 4 नए प्लेटफॉर्म

रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि नईखेड़ी स्टेशन को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। यहां चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा अन्य फ्लैग स्टेशनों पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभाला जा सके।

समन्वय से तैयार हो रही व्यापक योजना

सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और रेलवे विभाग मिलकर एक विस्तृत और चरणबद्ध योजना पर काम कर रहे हैं। इस निरीक्षण का उद्देश्य यही है कि आयोजन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ नियंत्रण में किसी तरह की कमी न रहे।

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