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- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की दिशा में प्रशासनिक तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में गठित पर्यवेक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना रहा कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हों और आयोजन से पहले शहर की आधारभूत संरचना पूरी तरह मजबूत हो सके।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट्स—विशेष रूप से मेडिसिटी और पुल निर्माण—निर्धारित गति से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान रफ्तार को बनाए रखा जाए और जहां संभव हो, कार्यों को समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी निर्माण गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर देरी या गुणवत्ता से समझौता न हो। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले जरूरी आधारभूत कार्य पूरे कर लिए जाएं, जिससे आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत में मंत्रिमंडलीय समिति से स्वीकृत परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें उज्जैन के साथ-साथ देवास, खरगोन, शाजापुर, खंडवा और मंदसौर जिलों में चल रहे कार्यों का जिलेवार विश्लेषण प्रस्तुत किया गया।
उज्जैन जिले से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सड़क निर्माण परियोजनाओं को लेकर विशेष सख्ती दिखाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सड़क से जुड़े कार्य बारिश शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने और तय समयसीमा का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
शिप्रा नदी पर चल रहे घाट और पुल निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि घाटों के बेसिक स्ट्रक्चर का काम भी मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित 19 पुलों में से 18 पर कार्य जारी है, जिनमें से 6 पुलों का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
बैठक में विकास कार्यों के नए प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। पर्यवेक्षण समिति के सामने 155.93 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स रखे गए, जिन्हें सर्वसम्मति से अनुशंसित कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि सभी परियोजनाओं में इंजीनियरिंग डिजाइन के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित, टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग के अनुरूप हों।
खंडवा जिले से जुड़े प्रस्तावों पर भी बैठक में निर्णय लिया गया। इनमें ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के विकास और अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं, जिनके लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को भी सिंहस्थ की व्यापक तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने आगामी चरण की तैयारियों को लेकर अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सिंहस्थ 2028 के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक मास्टर प्लान प्रस्तुत किया जाए, ताकि आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, यह बैठक सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को तय दिशा और गति देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है, जहां प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि समयसीमा, गुणवत्ता और सुचारु व्यवस्था—तीनों पर एक साथ फोकस रखा जाएगा।