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उज्जैन में किसान कांग्रेस के प्रदर्शन पर बढ़ा तनाव, पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प; तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में सोमवार को किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट को जिलाबदर किए जाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन ने अचानक उग्र रूप ले लिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन की तैयारी की थी, लेकिन कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस नेताओं, किसान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। हालात ऐसे बने कि मौके पर धक्का-मुक्की और नोकझोंक का दौर करीब एक घंटे तक चलता रहा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ीं।
ट्रैक्टरों के साथ उज्जैन पहुंच रहे थे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस विधायक महेश परमार, कांग्रेस नेता मुकेश भाटी और बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने उज्जैन पहुंच रहे थे।
जैसे ही यह काफिला बड़नगर रोड स्थित ब्रिज के नीचे पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की रोक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर ही विरोध जताने लगे।
बैरिकेड्स पर चढ़े नेता, बढ़ा विवाद
कार्यकर्ताओं को रोके जाने के बाद माहौल लगातार गरमाता गया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और आगे बढ़ने की कोशिश की।
इस दौरान विधायक महेश परमार समेत कई नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज जैसी स्थिति बनी, जिसमें किसान जयराम जाट घायल हो गए। बताया गया कि उनकी आंख के पास चोट लगी, जिससे लगातार खून बहता रहा।
तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया।
पुलिस ने किसी भी प्रदर्शनकारी को कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी। पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहा।
“डरने वाले नहीं हैं” — दिनेश जैन बोस
महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस ने भी प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन पहुंचने के दौरान उन्हें भी पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो अगला बड़ा प्रदर्शन भोपाल में किया जाएगा।
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा जाट समाज, सर्व समाज और करीब 10 गांवों से पहुंचे लोग भी शामिल रहे।
महेश परमार ने प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक महेश परमार ने अशोक जाट के जिलाबदर किए जाने को गलत बताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अशोक जाट किसानों की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते हैं और किसानों की एक आवाज पर उनके बीच पहुंच जाते हैं। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना समझ से परे है।
परमार ने यह भी कहा कि शहर में खुलेआम घूम रहे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि किसानों की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
किसान कांग्रेस ने व्यापारियों पर लगाए आरोप
प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भी मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारी मंडियों के बाहर फसल की तुलाई करवा रहे हैं और प्रति क्विंटल 8 से 10 किलो अतिरिक्त अनाज लिया जा रहा है।
चौहान के मुताबिक, जब यह मामला अशोक जाट के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसका विरोध किया और संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों पर कार्रवाई करने के बजाय अशोक जाट के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया और बाद में उन्हें जिलाबदर कर दिया गया।
पूरे घटनाक्रम के बाद बढ़ा राजनीतिक माहौल
उज्जैन में हुए इस प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस लगातार इसे किसानों की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रही है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिस हस्तक्षेप के बाद अब यह मुद्दा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश स्तर की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।