उज्जैन प्रशासन का स्वास्थ्य अभियान, मिठाइयों पर चांदी के वर्क पर लगेगी रोक

उज्जैन में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मिठाइयों पर लगाए जाने वाले चांदी के वर्क के उपयोग को लेकर कलेक्टर रोशन सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन का मानना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इस विषय पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

बुधवार को प्रशासनिक संकुल में आयोजित बैठक में मिठाई विक्रेताओं, कैटरिंग व्यवसायियों और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना था।

कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए लगाए जाने वाले चांदी के वर्क की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बाजार में उपलब्ध हर वर्क शुद्ध नहीं होता और कई मामलों में मिलावटी सामग्री का उपयोग सामने आया है।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की प्रक्रिया पूरे वर्ष जारी रखी जाए। केवल त्योहारों या विशेष अवसरों पर कार्रवाई करने के बजाय नियमित जांच से मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।

प्रशासन के अनुसार सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले चांदी के वर्क में एल्युमिनियम, लेड (शीशा) और कैडमियम जैसी हानिकारक धातुओं की मिलावट होने की संभावना रहती है। ऐसी धातुएं मानव शरीर के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन धातुओं के सूक्ष्म कण शरीर में आसानी से नष्ट नहीं होते। लंबे समय तक इनके सेवन से ये लीवर, किडनी और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में जमा होकर उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

इसके अलावा मिलावटी वर्क का सेवन पाचन तंत्र पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। पेट दर्द, संक्रमण, गैस, अल्सर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसका प्रभाव और अधिक गंभीर हो सकता है।

कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि उज्जैन से मिठाइयों पर चांदी के वर्क के उपयोग को पूरी तरह बंद करने की पहल शुरू की जाएगी। इसके लिए मिठाई दुकानदारों और कैटरिंग व्यवसायियों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंतदत्त शर्मा ने बताया कि विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक खाद्य नमूनों की जांच की है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता न हो।

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