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दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उज्जैन में प्रदर्शन किया गया। यह धरना टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के सामने आयोजित हुआ। भीम आर्मी और आर्य समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील आस्ते के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों का समर्थन किया।
सुनील आस्ते ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज पर देशव्यापी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। आस्ते ने कहा कि उज्जैन का यह आंदोलन दिल्ली के छात्रों के समर्थन में है और न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
उनकी मांगों में नीट के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और उन्हें शहीद का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने बताया कि भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। यह धरना भीम आर्मी दिवस से शुरू हुआ है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा।
आस्ते ने यह भी बताया कि देर शाम नीट परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों की याद में एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक शामिल होंगे।
आंदोलन के अगले चरण के तहत 25 जुलाई को उज्जैन में एक विशाल मार्च निकालने की योजना है। यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगा, जहां राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
धरना स्थल पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने ‘जय भीम’ और ‘शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। उन्होंने हाथों में संविधान की पुस्तकें भी ले रखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।