मानसून सत्र का समापन: मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, विकास और जनकल्याण पर दिया विशेष जोर

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र प्रदेश के विकास, जनकल्याण और प्रशासनिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस दौरान कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनका सीधा लाभ प्रदेश के नागरिकों, किसानों, श्रमिकों और उद्योगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में हुई सार्थक चर्चाओं और पारित विधेयकों के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा को नई गति देने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मानसून सत्र के दौरान एक विनियोग विधेयक सहित कुल 15 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। उनके अनुसार इन विधेयकों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी नीतियों पर कार्य कर रही है जो प्रदेश में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक सिद्ध हों।

उन्होंने श्रम संहिता-2026 का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से श्रमिकों को आधुनिक और लचीली कार्य व्यवस्था का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार बदलते औद्योगिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के साथ रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों और उद्योगों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है ताकि दोनों को समान रूप से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही का विवरण साझा करते हुए बताया कि पूरे सत्र के दौरान 900 तारांकित प्रश्न, 856 अतारांकित प्रश्न, 522 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 171 शून्यकाल के विषय तथा 21 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि सदन में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया।

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई, जिसमें करीब 14 लाख किसानों ने अपनी उपज बेची। उन्होंने बताया कि किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट हुई। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नर्मदा परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे बड़े कार्य राज्य के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और विभिन्न क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी। सरकार इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर एम्बुलेंस सेवा और हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध होगी तथा प्रदेश में आधुनिक परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि पूंजीगत निवेश में वृद्धि के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार उद्योगों के विस्तार, रोजगार के नए अवसरों के सृजन तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है ताकि मध्यप्रदेश निवेश और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन सके।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शुरू की गई विभिन्न संसदीय पहलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ई-विधान प्रणाली को बढ़ावा देने, महिला सदस्यों के लिए विशेष चर्चा आयोजित करने तथा संसदीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीकों के उपयोग जैसे कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। उनके अनुसार इन पहलों से विधानसभा की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी और जनप्रतिनिधियों को बेहतर तरीके से अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण, सुशासन, कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक विकास के सभी क्षेत्रों में संतुलित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा के मानसून सत्र में लिए गए निर्णय और पारित किए गए विधेयक प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगे तथा आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही उन्होंने सदन की कार्यवाही में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

Leave a Comment