।मिस वर्ल्ड 2026 की तैयारी में निकिता पोरवाल, भारत के लिए एक और विश्व सुंदरी का ताज जीतने का रखा लक्ष्य

उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब अपने नाम करने के बाद उनका अगला लक्ष्य मिस वर्ल्ड 2026 प्रतियोगिता में भारत को गौरवान्वित करना है। 9 अगस्त से वियतनाम में शुरू होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया के लगभग 120 देशों की प्रतिभागी हिस्सा लेंगी, जहां निकिता भारतीय संस्कृति, आत्मविश्वास और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। उनके इस सफर को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

निकिता का कहना है कि मिस इंडिया बनने के बाद से लेकर मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की तैयारी तक का सफर उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सीख से भरपूर दौर रहा है। इस दौरान उन्होंने केवल रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल्स पर ही काम नहीं किया, बल्कि जीवन के कई ऐसे अनुभव भी हासिल किए जिन्होंने उन्हें मानसिक रूप से पहले से अधिक मजबूत बनाया। चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाया।

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए उनकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। निकिता लगातार अपनी फिटनेस, कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस और व्यक्तित्व विकास पर मेहनत कर रही हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व पूरी क्षमता और आत्मविश्वास के साथ कर सकें। उनका मानना है कि इस प्रतियोगिता में केवल सुंदरता ही नहीं बल्कि विचार, व्यक्तित्व और समाज के प्रति योगदान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत ने अब तक मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में कई बार सफलता हासिल की है और इसी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब निकिता के कंधों पर है। उनका स्पष्ट लक्ष्य भारत के लिए एक और मिस वर्ल्ड क्राउन जीतना है। वह मानती हैं कि यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होगी बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बनेगा। इसी सोच के साथ वह हर दिन अपनी तैयारियों को और बेहतर बनाने में जुटी हुई हैं।

निकिता अपने सामाजिक प्रोजेक्ट ‘माटी’ (MAATI) को लेकर भी काफी गंभीर हैं। यह पहल आदिवासी महिलाओं और बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। उनका उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से उन लोगों तक आवश्यक सुविधाएं और अवसर पहुंचाना है जो आज भी संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। इस पहल को उन्होंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल किया है।

उनका मानना है कि यदि उन्हें मिस वर्ल्ड का मंच मिलता है तो ‘माटी’ प्रोजेक्ट को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। वह चाहती हैं कि यह मॉडल केवल भारत तक सीमित न रहे बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी अपनाया जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। उनके अनुसार सौंदर्य प्रतियोगिताओं का वास्तविक उद्देश्य समाज में बदलाव लाने वाले नेतृत्व को सामने लाना भी है।

उज्जैन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक शहर में पली-बढ़ी निकिता अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शहर और वहां मिले संस्कारों को देती हैं। उनका कहना है कि बचपन से सुनी पौराणिक कथाएं, इतिहास और परिवार के बुजुर्गों से मिली सीख ने उनके व्यक्तित्व को गहराई दी है। यही सांस्कृतिक विरासत उन्हें हर मंच पर भारतीय मूल्यों और परंपराओं का सम्मान करने की प्रेरणा देती है।

निकिता का विश्वास है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान केवल उपलब्धियों से नहीं बल्कि अपनी संस्कृति, व्यवहार और विचारों से भी बनती है। इसलिए वह मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारतीय परंपरा, संस्कृति और अपने देश के मूल्यों को पूरे गर्व के साथ प्रस्तुत करना चाहती हैं। उनका मानना है कि यही विशेषताएं उन्हें अन्य प्रतिभागियों से अलग पहचान दिला सकती हैं।

मिस वर्ल्ड 2026 प्रतियोगिता में भारत की उम्मीदें निकिता पोरवाल से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण और सामाजिक सोच के दम पर इस मुकाम तक पहुंचने का सफर तय किया है। अब उनकी नजर विश्व सुंदरी के ताज पर है और पूरा देश उनके शानदार प्रदर्शन की कामना कर रहा है। यदि वह यह उपलब्धि हासिल करती हैं तो यह न केवल उनके लिए बल्कि भारत के लिए भी एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी।

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