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श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 10-08-2026
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के मंगलवार सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर घंटी बजाई गई, जिसके बाद भगवान से आज्ञा लेकर सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। इसके पश्चात गर्भगृह के पट खोलकर भगवान को जल से स्नान कराया गया। नंदी हाल में भी नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया।
जल से भगवान का अभिषेक करने के पश्चात भगवान महाकाल का पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से अभिषेक किया गया। कपूर आरती उपरांत महाकाल का रजत चंद्र, भांग, चंदन और गुलाब के फूलों की माला से श्रृंगार किया गया। रजत मुकुट और त्रिपुण्ड अर्पित किए गए दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद, महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई और भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवा निराकार से साका रूप में दर्शन देते हैं।
इस अवसर पर बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला धारण कराई गई। इसके साथ ही सुगंधित पुष्पों की माला से बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल। जैसे ही मंदिर के पट खुले, चारों ओर “जय श्री महाकाल” की गूंज सुनाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।