- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
- चिंतामन गणेश मंदिर में दूसरी जत्रा, हजारों श्रद्धालु पहुंचे दर्शन के लिए; किसानों ने नई फसल भगवान को अर्पित की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
पुलिस के नए प्रयोगों से हादसे की संभावना
आगामी सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की शाही व अंतिम सवारी निकलना है। इसके लिये पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अपने स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इन्हीं तैयारियों के चलते पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिये नए प्रयोग भी किये जा रहे हैं। पुलिस ने राम मंदिर के बाहर से रामघाट तक बीच सड़क में बैरिकेडिंग लगा दी है जिनमें मजबूती भी नहीं। इससे सवारी के दौरान हादसे की आशंका बनी हुई है।महाकालेश्वर की किसी भी सवारी के दौरान आज तक राम मंदिर से रामघाट तक भीड़ प्रबंधन के नाम पर बैरिकेडिंग नहीं की गई है क्योंकि संकरा मार्ग और रामानुजकोट के मोड़ पर भीड़ के दबाव के चलते बैरिकेडिंग से पुलिसकर्मी हमेशा मशक्कत करते नजर आते हैं।
यहां हादसे की संभावना भी अधिक होती है। श्रावण मास और भादव मास में अब तक निकली सवारियों के दौरान पुलिस द्वारा उक्त जगह पर बैरिकेडिंग नहीं की गई थी लेकिन महाकालेश्वर की शाही सवारी पर लाखों की संख्या में जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों द्वारा इस बार राम मंदिर से रामघाट तक बैरिकेडिंग कर दी गई है।